Singrauli News : आदिवासी कन्या आश्रम शाला में मासूम बच्चियों से कराया जा रहा काम, ग्रामीणों में आक्रोश

VIKASH KHALKHO

सिंगरौली। प्रदेश सरकार जहां आदिवासी बच्चों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है, वहीं जिले के लंघाडोल स्थित आदिवासी कन्या आश्रम शाला से बेहद शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां पहली से पाँचवीं कक्षा तक की बच्चियों से पढ़ाई की बजाय मजदूरी जैसे काम करवाए जा रहे हैं।

जिन मासूम हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, उन्हें फोड़ा, तगाड़ी और हाशिया थमा दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह शिक्षा के अधिकार और बाल संरक्षण कानूनों का खुला उल्लंघन है।

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ग्रामीणों का विरोध
ग्रामीणों ने इसे मासूम बच्चियों के भविष्य से खिलवाड़ बताते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यदि जिला प्रशासन तत्काल कार्रवाई नहीं करता तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल
यह मामला आश्रम प्रबंधन की लापरवाही ही नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। आखिर निरीक्षण करने वाले अधिकारी ऐसी गड़बड़ी को क्यों नहीं पकड़ पाए?

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सरकार की मंशा पर धब्बा
प्रदेश सरकार बार-बार दावा करती है कि आदिवासी बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों को खोखला साबित कर रही है। बच्चियों से मजदूरी कराना न सिर्फ अमानवीय है बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य पर भी संकट है।

सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से आश्रम प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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