रायपुर | राजधानी रायपुर में हाईप्रोफाइल ड्रग्स रैकेट का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस रैकेट के संचालन में होटल, पब और क्लब संचालकों व उनके मैनेजरों की अहम भूमिका रही है। इनके जरिए युवतियों को ड्रग्स इंफ्लुएंसर के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पहले युवतियां क्लब में आने वाले बड़े घरानों के युवाओं से दोस्ती करतीं, फिर उन्हें नशे के लिए उकसाकर ड्रग्स का आदी बना देतीं।
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विधायक पुत्र, कारोबारी और रसूखदारों के नाम
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार इंटीरियर डिजाइनर नव्या मलिक और विधि अग्रवाल केवल मोहरा हैं। इनके पीछे दिल्ली, मुंबई और पंजाब के बड़े ड्रग्स माफिया जुड़े हैं। इन्हीं से सप्लाई लेकर शहर के पब और क्लबों में नशे का कारोबार किया जाता था।
ड्रग्स का सेवन और खरीद-फरोख्त करने वालों में नव्या और उसके साथियों के अलावा विधायक पुत्र, पूर्व मंत्री, समाज सेविका, कारोबारी के बेटे और दो कार कारोबारियों का नाम भी सामने आया है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
गिरफ्तारियों के बावजूद पुलिस अब तक रसूखदारों पर शिकंजा नहीं कस पाई है। इसी कारण कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि यदि केस की गहन जांच हुई तो कई बड़े नामों का पर्दाफाश हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, यह मामला आगे चलकर EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा छत्तीसगढ़) को भी सौंपा जा सकता है।
मोबाइल और चैट से खुलासा
आरोपियों से पुलिस ने करीब डेढ़ दर्जन मोबाइल जब्त किए हैं। इनमें मिले व्हाट्सऐप चैट से ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क, रेट और डिलीवरी पॉइंट की जानकारी मिली है। पुलिस का मानना है कि सही तरीके से जांच हुई तो कई और तस्करों की संलिप्तता उजागर होगी।
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फॉरेंसिक जांच जारी
इस रैकेट का खुलासा नव्या के पड़ोसी हर्ष आहुजा की गिरफ्तारी के बाद हुआ। हर्ष ने दिल्ली के मोनू विश्नोई से ड्रग्स मंगाने और नव्या के जरिए सप्लाई की बात कबूल की थी। जब्त ड्रग्स को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद और धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।













