बीजिंग/तिआनजिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन दौरे पर हैं। तिआनजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले उन्होंने रविवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह बैठक स्थानीय समयानुसार दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 9:30 बजे) शुरू हुई।
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यह प्रधानमंत्री मोदी का सात साल बाद चीन का पहला दौरा है। वहीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी यह पिछले दस महीनों में दूसरी मुलाकात है। इससे पहले दोनों नेता जुलाई 2024 में रूस के कजान शहर में हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिले थे।
पीएम मोदी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी थी कि, “तिआनजिन, चीन पहुंच गया हूं। SCO शिखर सम्मेलन में विचार-विमर्श और विभिन्न विश्व नेताओं से मिलने का इंतजार है।”
जिनपिंग बोले – भारत-चीन के लिए दोस्ती ही सही विकल्प
बैठक के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन के लिए दोस्त बनना ही सही विकल्प है। सीमा विवाद को रिश्तों की पहचान नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि सहयोगी हैं। जिनपिंग ने जोर दिया कि भारत और चीन एक-दूसरे के विकास के अवसर हैं, खतरा नहीं।
SCO सम्मेलन में हुआ औपचारिक स्वागत
इससे पहले SCO सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद सभी सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान पीएम मोदी, शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत कई शीर्ष नेता एक मंच पर दिखाई दिए।
अमेरिका-भारत रिश्तों में खटास की पृष्ठभूमि में अहम मुलाकात
मोदी-शी की यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब भारत और चीन के रिश्तों में कुछ नरमी देखी जा रही है। साथ ही हाल ही में अमेरिका और भारत के संबंधों में तनाव आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी चीन दौरे के दौरान 1 सितंबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं।











