Rishi Panchami : बुरहानपुर, मध्य प्रदेश: बुरहानपुर जिले में ऋषी पंचमी का त्यौहार एक अनोखी परंपरा के साथ मनाया जाता है, जिसे ‘अडबाल पंचमी’ भी कहा जाता है। इस दिन हजारों भक्त उखड गाँव में स्थित नाग देवता के एक प्राचीन देवालय में पूजा करने के लिए पहुंचते हैं। यह परंपरा करीब 400 साल पुरानी है और आज भी उतनी ही श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।
Rishi Panchami : उतावली नदी पार कर पहुंचते हैं भक्त
बुरहानपुर से 7 किलोमीटर दूर, उतावली नदी के पार उखड गाँव में, चतुर्थी की रात और पंचमी की शुरुआत होते ही भक्त निकल पड़ते हैं। वे उबड़-खाबड़ और जंगली रास्तों से नंगे पैर होते हुए नाग देवता के देवालय तक पहुंचते हैं।
नाग देवता की बांबी और अनोखा प्रसाद
इस देवालय में दो विशाल नाग देवता की बांबियां (मिट्टी के टीले) हैं, जहाँ भक्त पूजा करते हैं और मन्नतें मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर वे यहाँ नाग देवता का जोड़ा चढ़ाते हैं और चांदी का छत्र अर्पित करते हैं।
यहाँ का प्रसाद भी बेहद खास है। मैदे और घी से बनी पूरियां एक विशेष प्रकार के बांस के खाँचे पर टांगकर चढ़ाई जाती हैं। कहा जाता है कि यह दुनिया का एकमात्र स्थान है जहाँ इस तरह का प्रसाद चढ़ाया जाता है।













