Tilda Nevra : अजय नेताम/तिल्दा नेवरा: विश्व आदिवासी दिवस प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष 9 अगस्त दिन शनिवार को सिमगा ब्लॉक के सर्व आदिवासी समाज के सदस्यों द्वारा अपने पुरखा देव बुढ़ा देव, बुढ़ी दाई , के विधि वत पूजा अर्चना कर तिलक लगाकर समाज के प्रबुद्ध जनो द्वारा भव्य आरती कर समाज के इर्ष्ट बुढ़ा देव बुढी दाई को प्रसाद का भोग चढ़ाया गया । उनके उपरांत समाज सहित पुरुषो महिलाओं बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया । वही झिरिया चक्र के ग्राम लांजा में आदिवासी गोड़ समुदाय के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम व हर्षों उल्लास पूर्वक मनाया गया।
Tilda Nevra : कार्यक्रम के संचालक कृष्णा नेताम व समाज के प्रबुद्ध जनो के द्वारा किया गया । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर गौरी गौरा व भोजली माता का भव्य रूप से शोभा यात्रा निकाली गई थी । जिसमें आदिवासी पुरुषो महिलाओं , युक्तियो द्वारा अपनी संस्कृति को हमेशा कायम रखे आदिवासी परम्परा के अनुसार वेश भुसा के पोषाक मेंआदिवासी भाई बहन दिखाई दी गई । और बुढ़ा देव बुढी दाई के जयकारा लगाते हुए एवं टोलियों के साथ युक्तियों द्वारा अपनी आदिवासी के परम्परा अनुसार पोषाक धारण कर मादर की थाप पर कर्मा गित में नृत्य करते हुए युक्तियों एवं सुआ गित गाते हुए महिलाएं गांव के चौक चौराहो से होते हुए एवं समाज के सगा जन ध्वजा लहराते हुए । बुढ़ा देव बुढ़ी दाई की , जय आदिवासी के जयकारों से गांव भक्ति में लिन हो गये ।
Tilda Nevra : शोभा यात्रा में आदिवासी समुदाय के प्रबुद्ध जनो महिलाओं पुरुषो के साथ साथ छोटे छोटे बच्चों विश्व आदिवासी दिवस शोभा यात्रा में शरिक हुए गांव के भम्रण करने के उपरांत आदिवासी भवन में कार्यक्रम का मंच संचालन डोमार नेताम ने किया वही प्रदेश अध्यक्ष शंकर लाल मंडावी ने अपने उदबोधन में कहां की आदिवासी परम्परा अपनी संस्कृती व धर्म की रक्षा करना है। जल जंगल जमीन को बचाना है।प्रदेश सचिव कृष्णा कुंजाम ने सभी आदिवासी भाईयों को अपने उद्बोधन में कहां की अपने समाज के प्रति निष्ठावान , निष्ठाभाव व समाज के हित में हमेशा अग्रसर रहकर समाज के दायित्व को निर्वहन करना है।
Tilda Nevra : आदिवासी का एक ही नारा ,, एक तीर एक कमान सर्व आदिवासी एक समान ,, समाज के पद् धिकारियों ने समाज के हित में अपनी अपनी राय रखी उसके उपरांत कार्यक्रम का समापन हुआ । जिसमें मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष शंकर लाल मंडावी , प्रदेश सचिव कृष्णा कुंजाम , थन्नु ध्रुव , मनीराम तीरर्थ राम ध्रुव,शिव कुमार नेताम , चेतन ध्रुव , लच्छी राम , संतु राम , बसंत ठाकुर , राम सिंह ध्रुव , सदाराम ध्रुव , मस्तराम ध्रुव , गौकरण ध्रुव , एवं ,,छत्तीसगढ़ मिडिया एसोशिएसन व ऑल प्रेस क्लब ऑफ छत्तीसगढ़ के जिला मिडिया प्रभारी व युवा पत्रकार अजय नेताम ,, एवं सैकण्डो क संख्या में गांव के ग्रामीण व आस पास गांवो से आये समाज के सगा जनों की उपस्थिती थी। विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य दुनिया भर में रहने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों को बढ़ावा देना और उनकी संस्कृति , पहचान और योगदान का सम्मान करना है। यह दिन आदिवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा और उनके आत्म निर्णय के अधिकार को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है।विश्व आदिवासी दिवस के मुख्य उद्देश्य अधिकारों की रक्षा* : आदिवासियों के मानवाधिकारों की रक्षा करना और उनके आत्म निर्णय के अधिकार को बढ़ावा देना।
Tilda Nevra : संस्कृति और पहचान का सम्मान आदिवासी समुदायों की संस्कृति , पहचान और योगदान को सम्मान देना और उनकी अनूठी विरासत को बनाएं रखने में मदद करना जागरुकता बढ़ाना आदिवासियों की समाजिक , अर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के बारे में लोगों को अवगत कराना और उनके विकास में योगदान देना पर्यावरण संरक्षण में योगदान : आदिवासी समुदायों के पारंपरिक ज्ञान और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका को स्वीकार करना और सम्मान देना इसी दिन को मनाने की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा की गई थी , जिसने 23 दिसंबर 1994 को प्रस्ताव 49/214 पारित किया था तब से हर साल 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है।













