Rakshabandhan 2025 : रायपुर/बिलासपुर। रक्षाबंधन का पावन पर्व इस बार भी छत्तीसगढ़ की केंद्रीय जेलों में भावनाओं से सराबोर रहेगा। राज्य सरकार के जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग द्वारा जारी विशेष गाइडलाइन के तहत, राखी के दिन हजारों बहनें अपने बंदी भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेंगी। जेल प्रशासन इस अद्भुत मिलन को सहज और सुरक्षित बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है।
Rakshabandhan 2025 : राज्य की सबसे बड़ी जेलों में से एक, रायपुर केंद्रीय जेल में इस बार करीब 3009 बंदियों को राखी बांधने के लिए 6000 से अधिक बहनों के पहुंचने की संभावना है। इसी के मद्देनजर जेल के भीतर और बाहर टेंट, बांस-बल्लियों से बेरिकेडिंग और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए 100 अतिरिक्त जवानों की मांग की गई है, जिनमें पुलिस और होमगार्ड दोनों शामिल हैं।
जेल प्रशासन ने इस बार बहनों को सिर्फ 200 ग्राम सूखी सोनपापड़ी और राखी के साथ प्रवेश की अनुमति दी है। अन्य किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री, रुपये, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस या ज्वलनशील वस्तुएं जेल में ले जाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही, रक्षाबंधन के दिन जेल परिसर में मेडिकल और फार्मेसी टीम भी तैनात रहेंगी, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
केंद्रीय जेल में रक्षाबंधन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि वह दिन होता है जब बंदियों के जीवन में रिश्तों की गर्माहट झलकती है। यह पल, जब बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं, वहां केवल भावनाएं नहीं, आंखों से छलकते आंसू, पश्चाताप और स्नेह की डोर भी नजर आती है।













