Saturday, August 15, 2026
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BIG News : सऊदी जा रहे प्रवासियों की नाव यमन तट पर डूबी, 68 की मौत, 74 लापता, बचाव अभियान जारी

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BIG News : यमन। रविवार तड़के यमन के अबयान प्रांत के समुद्र तट के पास एक बड़ा हादसा हो गया, जब प्रवासियों से भरी एक नाव समुद्र में पलट गई। इस नाव में कुल 154 प्रवासी सवार थे, जिनमें से 68 की मौत हो गई है, जबकि 74 अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह सभी प्रवासी अफ्रीकी देश इथियोपिया से थे, जो यमन के रास्ते सऊदी अरब में रोजगार की तलाश में जा रहे थे।

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स्थानीय अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने पुष्टि की है कि हादसे के बाद अब तक केवल 10 लोगों को जिंदा बचाया जा सका है। इनमें नौ इथियोपियाई नागरिक और एक यमनी शामिल है। बचावकर्मियों द्वारा लापता लोगों की तलाश जारी है।यमन के तट पर डूबी प्रवासियों से भरी नाव, 49 की मौत,140 लापता, मौत का आंकड़ा  बढ़ने की आशंका

IOM और स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हादसा हाल के वर्षों की सबसे भयावह प्रवासन त्रासदियों में से एक है। यमन के तट पर पहले भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रवासी लगातार इस खतरनाक मार्ग को चुनते हैं।

अफ्रीका के कई देश, विशेषकर इथियोपिया और सोमालिया, लंबे समय से गरीबी, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में लोग खाड़ी देशों में बेहतर जीवन की आशा में खतरनाक रास्तों को अपनाने को मजबूर होते हैं। यमन, जो स्वयं 2014 से गृहयुद्ध का सामना कर रहा है, प्रवासियों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट प्वाइंट बन चुका है।

IOM के अनुसार, वर्ष 2024 में अब तक 60,000 से अधिक प्रवासी यमन के रास्ते खाड़ी देशों में जाने का प्रयास कर चुके हैं। वर्ष 2023 में यह संख्या 97,200 थी। यह गिरावट मुख्य रूप से समुद्री मार्गों पर निगरानी बढ़ने की वजह से देखी गई है।

यमन के तट के पास नाव पलटने से बड़ा हादसा, डूबने से 68 अफ्रीकी प्रवासियों की दर्दनाक  मौत, 74 लोग अब भी लापता | Republic BharatIOM द्वारा जारी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। वर्ष 2023 में इस मार्ग पर 558 प्रवासियों की मौत हुई थी। पिछले 10 वर्षों में 2,000 से अधिक प्रवासी लापता हुए हैं, जिनमें 693 की डूबने से मृत्यु की पुष्टि की गई है। यह आंकड़े केवल नंबर नहीं हैं, बल्कि उन परिवारों की त्रासदी को दर्शाते हैं जो अपने प्रियजनों के इंतजार में हैं। यमन पहुंचने के बाद भी प्रवासियों को राहत नहीं मिलती। कई बार उन्हें नजरबंद किया जाता है, उनके साथ दुर्व्यवहार होता है और बेहद अमानवीय परिस्थितियों में रहना पड़ता है।

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2014 से यमन गृहयुद्ध की चपेट में है। हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच चल रही जंग के कारण देश में हालात बदतर हैं। हालांकि अप्रैल 2022 में संघर्षविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन देश अब भी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता से गुजर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल यमन में करीब 3.8 लाख प्रवासी और शरणार्थी मौजूद हैं, जिनमें से अधिकांश या तो खाड़ी देशों में जाना चाहते हैं या युद्ध से सुरक्षा की तलाश में हैं।

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