Mumbai News : मुंबई : आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) अब सिर्फ टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन की दुनिया तक सीमित नहीं है, यह हमारी रोज़मर्रा की जिं़ंदगी का अहम हिस्सा बन रही है। टीवी कलाकारों के लिए, जो अपने बिजी शेड्यूल, सोशल मीडिया और निजी ज़िम्मेदारियों के कारण बहुत व्यस्त होते हैं, उनके लिए एआई एक मददगार की तरह काम कर रहा है।
Mumbai News : एण्डटीवी के कलाकार बता रहे हैं कि वे कैसे एआई का इस्तेमाल छोटे-छोटे लेकिन असरदार तरीकों से करते हैं, इसमें रोज़ाना के काम की योजना बनाना, कपड़ों के स्टाइल चुनना, सेहत का ध्यान रखना और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करना आदि जैसे काम शामिल हैं। ये कलाकार हैं- गीतांजलि मिश्रा (राजेश, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘) और शुभांगी अत्रे (अंगूरी भाबी, ‘भाबीजी घर पर हैं‘)।
Mumbai News : गीतांजलि मिश्रा, जो ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ में राजेश का किरदार निभा रही हैं, कहती हैं, “मैं बहुत टेक सेवी नहीं हूँ, लेकिन मैंने धीरे-धीरे एआई को अपनी जिंदगी में शामिल किया है। इससे काम आसान हो गया है। मैं एआई की मदद खाना बनाने की योजना बनाने, रिमाइंडर सेट करने और अपने मूड के हिसाब से गाने चुनने में लेती हूँ।
Mumbai News : अपने वीडियो प्लेटफॉर्म के लिए, एआई मुझे नए आइडियाज़ देता है और चीजों को व्यवस्थित करता है, जिससे मेरा समय बचता है। यह मेरी तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया के लिए आसानी से एडिट करने में भी मदद करता है। हाल ही में, मुझे एक ऐसे ऐप का पता चला जोकि नींद और पानी पीने जैसे वेलनेस गोल्स को ट्रैक करता है, अब मैं इसका नियमित इस्तेमाल कर रही हूं। ये छोटी चीजें मुझे व्यवस्थित रखती हैं। मेरा मानना है कि एआई का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए, यह एक शानदार टूल है, लेकिन इंसान की समझ और निर्णय की जगह कोई नहीं ले सकता।”
Mumbai News : शुभांगी अत्रे, जो ‘भाबीजी घर पर हैं‘ में अंगूरी भाबी का किरदार अदा कर रही हैं, ने बताया, “आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में एआई एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह है। मैं इसका इस्तेमाल सफर की योजना बनाने, इवेंट्स के लिए कपड़ेे चुनने और घर सजाने के सुझाव लेने के लिए करती हूँ। कभी-कभी यह मेरे पास मौजूद सामग्री से हेल्दी रेसिपी ढूंढने में भी मदद करता है। यह तेज, आसान और काफी रचनात्मक है। यह मेरे सोशल मीडिया कंटेंट के लिए नए आइडियाज़ देता है, जिससे मुझे बार-बार सोचने की जरूरत नहीं पड़ती।
Mumbai News : मजेदार बात यह है कि ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की कहानी में भी एआई का जिक्र है, जहाँ सक्सेना (सानंद वर्मा) एक एआई चिप बनाता है जो हर सवाल का जवाब देती है। इसे बड़े ही मजेेदार तरीके से दिखाया गया है, लेकिन यह बताता है कि टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल मुश्किलें पैदा कर सकता है। मुझे लगता है कि असल ज़िंदगी में भी यही बात लागू होती है; एआई वाकई में बहुत मददगार हो सकता है, लेकिन इसे सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए! एआई पर बहुत अधिक निर्भरता, खासतौर से बात जब पर्सनल डेटा को शेयर करने की हो, तो यह काफी जोखिम भरा हो सकता है। बैलेंस बनाए रखना बहुत जरूरी है।”









