NCERT/ नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने स्कूली पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत के अंतरिक्ष अभियानों को शामिल करने का फैसला लिया है। अब छात्र कक्षा 3 से 12 तक ऑपरेशन सिंदूर, चंद्रयान-1, आदित्य L1, एक्सिओम-4 और मिशन लाइफ जैसे विषयों पर पढ़ाई करेंगे।
ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा चलाया गया एक रणनीतिक सैन्य अभियान था। NCERT द्वारा इस पर एक स्वतंत्र केस स्टडी तैयार की जा रही है जिसे संसद के मानसून सत्र से पहले जारी किए जाने की योजना है।
रक्षा क्षेत्र के दिग्गजों ने NCERT के इस कदम का स्वागत किया है। सेवानिवृत्त कर्नल राजीव खाकेरा ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की वायु रक्षा इकाइयों का प्रदर्शन अद्वितीय रहा है। यह बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।” वहीं लेफ्टिनेंट कर्नल कपिल दत्त और विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी ने भी इस फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं को यह जानना जरूरी है कि देश किस प्रकार आतंकवाद से निपटता है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत की ताकत और जागरूकता को बढ़ावा देगा।
NCERT का यह मॉड्यूल दो भागों में आएगा—एक कक्षा 3 से 8 के छात्रों के लिए और दूसरा कक्षा 9 से 12 के लिए। इसमें आतंकवादी हमले और ऑपरेशन के विवरण को 8 से 10 पन्नों में समाहित किया जाएगा।
अगले शैक्षणिक सत्र से लागू होने जा रही यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को देशभक्ति और वैज्ञानिक उपलब्धियों से प्रेरणा लेने का अवसर भी देगी।









