Monday, August 17, 2026
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New Tech : बिना कैमरे के देखी जाएगी हर हरकत! WiFi से जासूसी की खुफिया चाल, आपकी पहचान भी नहीं बचेगी सुरक्षित

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New Tech :  नई दिल्ली | एक ऐसी तकनीक सामने आई है जिसने दुनिया भर की निगरानी प्रणालियों और आम लोगों की निजता (प्राइवेसी) को लेकर भारी चिंता खड़ी कर दी है। इस तकनीक का नाम है “Who-Fi”, जो साधारण WiFi सिग्नलों के ज़रिए बिना किसी कैमरे के आपकी हर हरकत, मूवमेंट और यहां तक कि इशारे भी ट्रैक कर सकती है।

क्या है Who-Fi तकनीक?
Who-Fi एक ऐसी अत्याधुनिक वाई-फाई तकनीक है जो कमरे में मौजूद किसी व्यक्ति की हरकतों को, उसके चलने से लेकर हाथों के इशारों तक, कैमरे के बिना पहचानने में सक्षम है। यह तकनीक 2.4GHz WiFi सिग्नलों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के ट्रांसफॉर्मर-बेस्ड न्यूरल नेटवर्क का इस्तेमाल करती है। इसकी खासियत यह है कि यह किसी कमरे के भीतर WiFi सिग्नल की ताकत और फेज में होने वाले बदलावों को समझकर व्यक्ति की सटीक स्थिति और हरकतें पकड़ सकती है।

कैसे करता है काम?
WiFi सिग्नल पूरे कमरे में बिछा होता है। जैसे ही कोई इंसान उसके सिग्नल की लाइन में आता है या कोई मूवमेंट करता है, सिग्नल का पैटर्न बदलता है। यह बदलाव Who-Fi टेक्नोलॉजी तुरंत पकड़ लेती है। इतना ही नहीं, यह दीवार के पीछे मौजूद व्यक्ति को भी 95% एक्यूरेसी के साथ ट्रैक कर सकती है।

न कोई कैमरा, न पकड़ में आने वाला डिवाइस
Who-Fi तकनीक का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि यह पारंपरिक सर्विलांस डिटेक्टर डिवाइसेज़ से भी बच निकलती है। यानी कोई भी यह नहीं जान सकता कि उसे ट्रैक किया जा रहा है, क्योंकि इसमें कोई कैमरा या विशिष्ट उपकरण नहीं होता – सिर्फ WiFi का स्मार्ट इस्तेमाल होता है।

बायोमेट्रिक पहचान भी संभव
Who-Fi सिर्फ मूवमेंट ट्रैकिंग तक सीमित नहीं है। यह किसी व्यक्ति की बॉडी साइज़, चलने के ढंग और इशारों से उसकी बायोमेट्रिक प्रोफाइल तैयार कर सकता है। यानि यह तकनीक भविष्य में व्यक्ति की पहचान का नया ज़रिया बन सकती है – वो भी बिना अनुमति के।

एक बार में 9 लोगों पर नजर
रिसर्च के अनुसार, यह सिस्टम एक बार में 9 लोगों तक की एक्टिविटी ट्रैक कर सकता है। रिसीवर में 3 एंटीना होते हैं और ट्रांसमीटर में 1। यही सेटअप इस तकनीक को बेहद हल्का, लेकिन ताकतवर बनाता है।

निजता पर खतरा, लेकिन सरकारें और कंपनियाँ उत्साहित
जहां आम लोग इस तकनीक को निजता का गंभीर उल्लंघन मान रहे हैं, वहीं कई सरकारें और सुरक्षा एजेंसियाँ इसे सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव मान रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका इस्तेमाल सार्वजनिक स्थानों, एयरपोर्ट्स, होटलों और यहां तक कि दफ्तरों में निगरानी के लिए हो सकता है।

क्या कहती है रिसर्च टीम?
Who-Fi को विकसित करने वाली रिसर्च टीम ने कहा है कि इसका उद्देश्य सुरक्षा को बेहतर बनाना है। लेकिन उन्होंने माना कि यह तकनीक प्राइवेसी की वर्तमान अवधारणाओं को चुनौती देती है और इसके इस्तेमाल को लेकर वैश्विक नियम-कानून बनाने की आवश्यकता है।

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