Ambulance Gang Rape : गया। बिहार के गया जिले में गुरुवार को हुई एक शर्मनाक घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। बीएमपी-3 ग्राउंड में होमगार्ड की भर्ती दौड़ के दौरान बेहोश हुई एक महिला अभ्यर्थी के साथ अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में गैंगरेप की घटना सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, महिला अभ्यर्थी जब दौड़ के दौरान बेहोश हो गई, तो उसे मौके पर मौजूद सरकारी एम्बुलेंस से इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। लेकिन रास्ते में एम्बुलेंस के चालक विनय कुमार और टेक्नीशियन अजीत कुमार ने मिलकर चलती एम्बुलेंस में उसके साथ बलात्कार किया।
घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस
गया के एसएसपी आनंद कुमार ने प्रेस को बताया कि पीड़िता द्वारा होश में आने के बाद अस्पताल में घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बोधगया एसडीपीओ सौरभ जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
एफएसएल टीम को भी घटनास्थल और एम्बुलेंस की फोरेंसिक जांच के लिए बुलाया गया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुष्टि की गई कि दोनों आरोपी घटना के समय एम्बुलेंस में मौजूद थे।
पीड़िता ने क्या कहा?
पीड़िता, जो इमामगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है, ने पुलिस को बताया,
“जब मैं बेहोश थी, तो एम्बुलेंस में मौजूद 3-4 लोगों ने मेरे साथ दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद मैंने डॉक्टर को पूरी बात बताई।”
हालांकि पुलिस जांच में अभी तक दो आरोपियों की पहचान की गई है, लेकिन तीसरे और चौथे संदिग्ध की तलाश जारी है।
प्राथमिकी दर्ज, सख्त कार्रवाई की बात
बोधगया थाने में इस मामले में गैंगरेप और POCSO एक्ट सहित IPC की गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसएसपी आनंद कुमार ने कहा कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल के जरिए चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।
समाज और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
यह घटना न केवल महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में मौजूद लापरवाहियों और आपातकालीन सेवाओं की संवेदनहीनता को भी उजागर करती है।
गया जैसे संवेदनशील जिले में एम्बुलेंस जैसी आपात सेवाओं में काम करने वाले कर्मियों द्वारा इस तरह की घटना पूरे तंत्र पर एक काला धब्बा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी है।









