कोरबा। Korba News : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में भू-विस्थापन की पीड़ा अब अर्धनग्न प्रदर्शन की शक्ल ले चुकी है। कुसमुंडा स्थित एसईसीएल (SECL) के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने कपड़े उतारकर कार्यालय परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Korba News : ये सभी महिलाएं वे भू-विस्थापित हैं, जिनकी जमीनें एसईसीएल की कोल परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थीं, लेकिन बदले में रोजगार आज तक नहीं मिला। आंदोलन कर रही महिलाओं का आरोप है कि वर्षों से वे केवल आश्वासन ही सुनती आ रही हैं। हर बार उनके प्रदर्शन को दबाने के लिए प्रशासनिक सख्ती की गई। उन्होंने बताया कि इससे पहले जब उन्होंने खदान स्तर पर हड़ताल की थी, तब कंपनी प्रबंधन ने करीब 20 से ज्यादा लोगों को—including महिलाएं और बच्चे—जेल भेज दिया था।
अब इन महिलाओं ने संघर्ष को एक नई दिशा देते हुए सीधे कंपनी मुख्यालय का रुख कर लिया है। कार्यालय में दिनभर कामकाज ठप रहा, अधिकारी अंदर ही फंसे रहे और प्रदर्शनकारियों ने बाहर नारेबाजी करते हुए डेरा डाल दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें रोजगार की लिखित गारंटी नहीं दी जाती, वे न तो पीछे हटेंगी और न ही धरना समाप्त करेंगी।
इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासनिक और औद्योगिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय प्रशासन भी असमंजस में है कि इस प्रदर्शन से कैसे निपटे। SECL प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह प्रदर्शन न सिर्फ महिलाओं की हताशा को उजागर करता है, बल्कि औद्योगिक परियोजनाओं के नाम पर विस्थापित होने वाले परिवारों की अनदेखी और उपेक्षा की परतें भी उधेड़ता है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक हो सकता है।











