Thursday, August 20, 2026
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CG Liquor Scam : अनवर ढेबर की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज, 3200 करोड़ के घोटाले में बड़ा झटका

Anvar-Dhebar-Get-Bai
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CG Liquor Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले (CG Liquor Scam) में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। इस महाघोटाले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से जोरदार झटका लगा है। 14 जुलाई 2025 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने अनवर ढेबर की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।

क्या है पूरा मामला?

यह घोटाला उस समय सामने आया जब जांच एजेंसियों ने राज्य में शराब व्यापार में भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अवैध उगाही को लेकर गंभीर आरोप लगाए। बताया गया कि राज्य के आबकारी विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने शराब कारोबारियों के साथ मिलकर एक समानांतर अवैध नेटवर्क तैयार किया था, जिससे सरकार को राजस्व की भारी हानि हुई।

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22 अफसर हुए निलंबित

हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस घोटाले से जुड़े 22 आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया है। इन अधिकारियों पर 88 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। निलंबन की यह कार्रवाई आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के बाद की गई है।

3200 करोड़ रुपये तक पहुंचा घोटाले का आंकड़ा

जांच एजेंसियों के अनुसार, यह घोटाला करीब 3200 करोड़ रुपये का हो सकता है। यह सारा घोटाला पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में हुआ बताया जा रहा है। अधिकारियों और कारोबारियों के गठजोड़ ने शराब के थोक और फुटकर वितरण में फर्जी बिलिंग, ओवर रेटिंग, नकली बिक्री और टैक्स चोरी जैसे हथकंडे अपनाए।

अनवर ढेबर बना घोटाले का चेहरा

इस पूरे मामले में अनवर ढेबर, जो कि एक प्रभावशाली कारोबारी और तत्कालीन सत्ताधारी पार्टी से निकटता रखने वाला व्यक्ति बताया जाता है, घोटाले का मुख्य चेहरा बनकर उभरा है। उसके खिलाफ कई आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं और लंबे समय से वह न्यायिक हिरासत में है।

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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख

सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई की सुनवाई में स्पष्ट कर दिया कि इतने गंभीर आर्थिक अपराध के मामले में जमानत देना न्यायोचित नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में “पब्लिक ट्रस्ट” को ठेस पहुंचती है और यह अपराध सिर्फ वित्तीय नहीं, बल्कि नैतिक रूप से भी गंभीर है।

क्या आगे और खुलासे होंगे

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस घोटाले की परतें अभी और खुल सकती हैं। इस मामले में ईडी, ईओडब्ल्यू और सीबीआई तीनों एजेंसियां जांच में लगी हुई हैं। आने वाले समय में कई और बड़े चेहरों पर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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