MP NEWS : भिंड /मनीष ऋषीश्वर : हमेशा विवादों में रहने वाली प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा इन दिनों फिर से चर्चाओं में है,उच्च न्यायालय से राहत न मिल पाने और अपर आयुक्त के आदेश को न्यायलय द्वारा रद्द किए जाने के बाद अब उन्होंने भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और गोहद के एसडीएम पराग जैन पर फिर से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत भी की है।
MP NEWS : प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा ने तहसीलदार के पद पर कार्यहेतु पदस्थापना संशोधन के लिए लहार एसडीएम को लिखा पत्र
MP NEWS : भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के द्वारा एक जुलाई को तहसील लहार में प्रभारी तहसीलदार को कार्य हेतु आदेशित किया था जिसके संदर्भ में एसडीएम लहार विजय यादव ने कार्यालयीन एवं न्यायालयीन तथा प्रशासनिक कार्य के लिए असवार वृत में कार्य करने हेतु पदस्थ कर दिया जिसके बाद 7 जुलाई 2025 को माला शर्मा ने एसडीएम को पत्र लिखकर लहार तहसील में तहसीलदार के पद भरे हुए होने का जिक्र किया है.
MP NEWS : उन्होंने एसडीएम को संबोधित करते हुए लिखा है कि तहसीलदार एक तहसील में ही कार्य करता है उसे टप्पा पर कार्य करने हेतु आदेशित नहीं किया जा सकता, उन्होंने शासन के नियमों का हवाला देते हुए कहा है कि ऐसा करना शासन के नियमों के विपरीत है जबकि अवर सचिव सुमन रायकवार के 25/03/2023 के आदेश में प्रभारी तहसीलदार को उपयोगिता अनुसार कभी भी मूल पद पर वापस भेजने हेतु बिना सूचना दिए निर्देशित किया जा सकता है सूत्र बताते हैं कि माला शर्मा ने लहार तहसील में पोस्टिंग पाने हेतु एक छुट भैये नेता से अधिकारियों को फोन भी लगवाया था लेकिन दाल नहीं गली।
MP NEWS : घटिया क्वालिटी की सरसों खरीदी में शासन को चूना लगाने के मामले में दुबार चर्चा में आईं थी प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा
MP NEWS : समर्थन मूल्य पर सरसों खरीदी के दौरान कचरा युक्त सरसों को बेचने की तैयारी की सूचना पर भिंड कलेक्टर ने कार्यवाही करते हुए एक मकान में कुछ बोरी सरसों सील्ड कराई थी और कुछ को तहसील में ही जप्त किया था जिसको लेकर प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा ने कचरा युक्त सरसों खपाने वाले व्यक्ति से सांठ गांठ कर रात्रि में ही मकान से बोरियां बदलवाने हेतु सील्ड ताले से चिपके हुए कागज को हटाकर ताला खोलने के लिए चाबी तक थमा दी थी जिसके संदर्भ में शिकायत करते हुए मकान मालिक ने कलेक्टर भिंड को शिकायत के साथ वीडियो भी प्रेषित किए थे जिसके बाद भिंड कलेक्टर ने माला शर्मा को जांच प्रभावित न हो इसके लिए मूल पदस्थापना देहगांव वृत पर पदस्थ किया था।
MP NEWS : अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रकरण में फैसला करने,ऑफिस में रिहायशी कमरा बनाने,देहगांव में 1 लाख की जुर्माना राशि को एक दिन बाद ही न्यूनतम में परिवर्तित करने,कचरे युक्त सरसों को शासन को बेचने में सहयोग करने जैसे लगे हैं संगीन आरोप।
MP NEWS : प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा के ऊपर अनियमितताओं से जुड़े कई आरोप है उन्होंने मौ में पदस्थापना के दौरान कचरा युक्त सरसों बेचने वालों का सहयोग किया था जिसके उनपर गंभीर आरोप हैं जिसमें उन पर कार्यवाही के लिए शासन को गोहद एसडीएम पराग जैन द्वारा पत्राचार किया जा चुका है।
ऐसे ही शासन से मकान के लिए किराया अर्जित करने के बाद भी तहसील परिसर में एक कमरे को रिहायश के तौर पर इस्तेमाल करने लिए उपयोग में लिया गया था जिसकी शिकायत के बाद उनको नोटिस थमाया गया था जिसका अभी तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है,वहीं अहस्तांतरणीय जमीन को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के बगैर खुद से निर्णय पारित करने की जल्दबाजी में भी महोदया नोटिस झेल चुकी हैं,तहसीलदार माला शर्मा द्वारा मौ वृत में ऐसे ही विक्रय से वर्जित जमीन को स्वतंत्र करने के और भी मामले उजागर हुए हैं।
MP NEWS : अधिकारों का गलत उपयोग करने पर प्रभारी तहसीलदार को कलेक्टर ने गोहद किया था अटैच,न्यायालय ने दिया था अटैचमेंट पर स्थगन लेकिन फैसले में अटैचमेंट को सही माना।
MP NEWS : भिंड 9 मई 2024 में कस्बा मौ स्थित सर्वे क्रमांक 3168/1 एवं 3186 के संबंध में संचालित रास्ता विवाद में समस्त प्रकरणों पर कार्यवाही पर रोक लगाते हुए भिंड ग्रामीण तहसीलदार को प्रकरण अंतरित कर दिया गया था लेकिन तहसीलदार माला शर्मा ने जल्दबाजी दिखाते हुए 23 अप्रैल 2024 को दर्ज प्रकरण 0009/ब-121/2024 -25 में 9 मई को अनावेदक की अनुपस्थिति में खसरे की नकलें प्रस्तुत कर प्रकरण को गुणदोषों के आधार पर आदेशार्थ किया जाकर 1957 की नकल के आधार पर प्रमोद आदि की भूमि को जल्दबाजी दिखाते हुए चरनोई घोषित कर दिया।
MP NEWS : प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा यहीं नहीं रुकीं इसी आदेश को पूर्व की तारीख में करके 24 जून 2024 को वेब जीआईएस आईडी से अखिलेश राजावत पर दबाव डालकर वृत मौ के वर्तमान तहसीलदार विश्राम शाक्य की जानकारी के बिना मौ का प्रभारी न होने पर भी तहसीलदार वृत मौ की आईडी का इस्तेमाल करते हुए प्रकरण को फॉरवर्ड करवाकर अनुमोदन किया गया था।इसी प्रकार से खेरिया चांदन के सर्वे नंबर 47/1/1 को कंप्यूटर अभिलेख वर्ष 2022-23 में दर्ज अहस्तांतरणीय शब्द को बिना कलेक्टर की अनुमति के अपनी आईडी से उसके विक्रय के षडयंत्र में भाग लिया और पट्टे की भूमि विक्रय होने पर रामबाबू शर्मा पुत्र घासीराम शर्मा निवासी महावीर पुरा जिला मुरैना के नाम प्रकरण क्रमांक 950/अ – 6/ 2023 -24 के प्रकरण में 18 जनवरी 2024 को नामांतरण आदेश जारी किया गया है आरोप है कि उक्त व्यक्ति माला शर्मा के पति हैं जिन्होंने पट्टे की जमीन को खरीदा है।इसी मामले में जब माला शर्मा हाइकोर्ट में अपने अटैचमेंट को लेकर प्रस्तुत हुईं तो जीएस अहलूवालिया की बेंच ने अटैचमेंट पर स्टे तो दे दिया था.
MP NEWS : लेकिन बाद में कोर्ट ने 28 अप्रैल 2025 के WP 2024 /17084 के निपटान के आदेश में माना कि भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जांच के दौरान अटैच करना गैरकानूनी नहीं है,कोर्ट ने कहा कि न्यायालय के बिना अंतरिम आदेश पारित करते हुए अतिरिक्त आयुक्त चंबल डिविजन मुरैना की अदालत से 20/08/2024 को एक अंतरिम आदेश प्राप्त किया,कोर्ट ने कहा तहसीलदार चरनोई जमीन को निजी जमीन में परिवर्तित करने में शामिल थी बल्कि उन्होंने अदालत में धोखाधड़ी भी की थी इसी में WP/21724/2024 में अलग आदेश द्वारा केस नंबर में कार्यवाही पर रोक लगा दी बल्कि उन्होंने 177अपील/2024 – 25 में हुए अतिरिक्त कमिश्नर चंबल के अंतरिम आदेश को भी रद्द कर दिया और कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता सरकारी भूमि को अवैध रूप से निजी भूमि में बदलने में शामिल है इस लिए उसे गोहद में अनुलग्न किया है इसमें स्थानांतरण नीति के खंड 52 के तहत याचिकाकर्ता को राहत प्रदान नहीं की जा सकती।
MP NEWS : कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि व्यक्ति यदि अपने कार्यालय में पद का दुरपयोग करे तो उसे सलग्न नहीं किया जा सकता ऐसा खंड 52 में कहीं भी उल्लेखित नहीं है,याचिका कर्ता ने कोर्ट में लंबित प्रकरण को छुपाते हुए अतिरिक्त आयुक्त चंबल से अंतरिम आदेश प्राप्त किया है इससे जाहिर है कि याचिकाकर्ता के मन में संवैधानिक न्यायालयों के प्रति कोई सम्मान नहीं है,हालांकि कोर्ट ने स्थानांतरण के लिए आवेदन देने के लिए प्रभारी तहसीलदार को स्वतंत्रता दी थी।
MP NEWS : कौन है ये प्रभारी तहशीलदार माला शर्मा,विवादों से इनका पुराना नाता…?
MP NEWS : पुख्ता सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी में तहसीलदार माला शर्मा को पूर्व में कलेक्टर इलैया राजा टी के कार्यकाल वर्ष 2016 के दौरान जिला पंचायत सभागार में मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव इकबाल सिंह वैश ने उन्हें मीटिंग के दौरान ही निलंबित कर दिया था जिसमें आरोप था कि पीपरी सर्किल में 4 हेक्टेयर के लगभग पौधा रोपण के लिए दी गई पट्टे की जमीन को उन्होंने निज स्वार्थ के चलते निजी व्यक्ति के लिए बिना सक्षम आदेश के हस्तांतरित कर दिया था जिसके बाद उनकी फाइल भोपाल पहुंच गई थी और 6 से आठ माह तक वो निलंबित रहीं थीं बाद में कोई सिफारिशी जैक लगाकर वो दुबारा नायब तहसीलदार के पद पर पदस्थ होकर लौटीं हालांकि इस मामले में उन्हें कैसे राहत दी गई ये अपने आप में एक बड़ा और गंभीर सवाल है…?
MP NEWS : अब देखने वाली बात होगी कि वरिष्ठ अधिकारी और मुख्यमंत्री प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा को कितना सही मानते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा फिलहाल कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने हाइकोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए प्रभारी तहसीलदार माला शर्मा को राहत न मिलने की बात कही है।









