नई दिल्ली । Bharat Bandh : देशभर में आज 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के संयुक्त आह्वान पर ‘भारत बंद’ का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। मजदूर और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ हो रहे इस बंद में करीब 25 करोड़ श्रमिकों की भागीदारी का दावा किया गया है।
Bharat Bandh : कई राज्यों में बैंकिंग, बिजली, परिवहन, औद्योगिक उत्पादन और डाक सेवाओं पर असर पड़ा है, जिससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि, स्कूल-कॉलेज और निजी दफ्तरों में सामान्य कामकाज जारी रहा।
किन सेवाओं पर पड़ा असर?
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बैंकिंग सेक्टर:
ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन समेत कई संगठनों के बंद में शामिल होने से शाखाओं में काम धीमा रहा, और कई एटीएम सेवाएं प्रभावित रहीं। -
बिजली आपूर्ति:
बिजली क्षेत्र के लगभग 27 लाख कर्मचारियों की भागीदारी से कुछ राज्यों में पावर डिस्ट्रीब्यूशन पर असर पड़ा। -
कोयला और इंडस्ट्री:
खदानों और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की गैरमौजूदगी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। -
राज्य परिवहन:
कुछ राज्यों में बस सेवाएं बाधित हुईं, यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। -
रेल सेवा:
आधिकारिक हड़ताल नहीं होने के बावजूद कुछ रूट्स पर ट्रेनों की गति धीमी रही, विरोध प्रदर्शन की भी खबरें आईं। -
ग्रामीण भारत:
संयुक्त किसान मोर्चा और खेतिहर मजदूर यूनियनों ने गांव-गांव में प्रदर्शन और रैलियां निकालीं।
हड़ताल की वजह क्या है?
AITUC की महासचिव अमरजीत कौर के अनुसार, सरकार की 17 सूत्रीय मांगों की लगातार अनदेखी इस बंद की प्रमुख वजह है। इसमें न्यूनतम वेतन, स्थाई रोजगार, ठेका प्रथा पर रोक और श्रम संहिताओं को रद्द करने जैसी मांगे शामिल हैं।
ट्रेड यूनियनों का आरोप है कि पिछले 10 वर्षों में एक भी श्रमिक सम्मेलन नहीं हुआ, उल्टा नई श्रम संहिताएं लागू कर श्रमिक अधिकारों को कमजोर किया गया है।
कौन-कौन संगठन जुड़े?
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ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC)
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सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU)
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इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (INTUC)
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हिंद मजदूर सभा (HMS)
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संयुक्त किसान मोर्चा (SKM)
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रेलवे, स्टील, एनएमडीसी समेत कई विभागों के कर्मचारी











