Mahadev Betting App: महादेव सट्टा ऐप केस में सौरभ चंद्राकर की कोर्ट में पेशी, CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड, फर्जी पासपोर्ट भी जब्त, जानिए कैसे बन गया ऑनलाइन सट्टा का बादशाह…

Sanjay Sahu
Mahadev Betting App

Mahadev Betting App: रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में आरोपी सौरभ चंद्राकर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सौरभ को आज दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसकी ट्रांजिट रिमांड की मांग की है। सीबीआई ने इस दौरान उसका कथित फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किया। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने लंच के बाद दोपहर 2:30 बजे सुनवाई निर्धारित की।

सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए सवाल उठाए। वकील ने दलील दी कि जब भारत सरकार ने ओमान को केवल मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी थी, तो फिर सीबीआई ने किस आधार पर सौरभ को गिरफ्तार किया?

वहीं, सीबीआई ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि बचाव पक्ष जिस पुराने आदेश का हवाला दे रहा है, वह पहले का है। सौरभ की गिरफ्तारी नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है। अब कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड को लेकर होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

जूस की दुकान से ऑनलाइन सट्टे के साम्राज्य तक का सफर

सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर थे और सौरभ की खुद की जूस की दुकान थी। बताया जाता है कि इसी दौरान वह अपने दोस्त रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़ गया।

इसके बाद दोनों ने ऑनलाइन सट्टा ऐप शुरू किया। कारोबार बढ़ने पर वर्ष 2019 में सौरभ दुबई चला गया और वहां से नेटवर्क का विस्तार करने लगा। उसने अपने इंजीनियर दोस्त रवि उप्पल को भी कारोबार में शामिल कर लिया।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी का नेटवर्क तेजी से फैलता चला गया। मोबाइल के माध्यम से नई पीढ़ी के लोग भी इससे जुड़ने लगे। देखते ही देखते महादेव सट्टा ऐप बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में उभर आया।

दुबई में खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुताबिक, सट्टेबाजी से मिलने वाले पैसों को अलग-अलग खातों में पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। नए यूजर्स और फ्रेंचाइजी यानी पैनल संचालकों को जोड़ने के लिए भारत में भी भारी मात्रा में नकदी खर्च किए जाने का आरोप है। ईडी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपना बड़ा कारोबारी नेटवर्क खड़ा किया था।

शादी में खर्च किए थे 200 करोड़ रुपये!

सौरभ चंद्राकर की फरवरी 2023 में UAE के रास अल खैमाह में हुई शादी भी काफी चर्चा में रही थी। आरोप है कि इस भव्य समारोह पर महादेव ऐप के प्रमोटरों ने करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए थे। परिवार के सदस्यों को नागपुर से UAE ले जाने के लिए निजी विमान किराए पर लिए गए थे।

शादी में शामिल हुई थीं कई मशहूर हस्तियां

शादी समारोह में कई मशहूर हस्तियों के शामिल होने की बात सामने आई थी। आयोजन के लिए मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर और डेकोरेटर बुलाए गए थे। ईडी के मुताबिक, भुगतान के लिए हवाला चैनलों का इस्तेमाल किया गया था। जांच एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दावा किया था कि योगेश पोपट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपये दिए गए थे। वहीं, होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपये का भुगतान UAE की मुद्रा दिरहम में नकद किया गया था।

महादेव ऐप में किसकी कितनी हिस्सेदारी?

Mahadev Betting App: जांच के दौरान महादेव बुक सट्टा ऐप के नेटवर्क में हिस्सेदारी को लेकर भी जानकारी सामने आई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर की 50 प्रतिशत, रवि उप्पल की 25 प्रतिशत, शुभम सोनी की 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई थी। इस मामले में अब तक 70 एफआईआर दर्ज होने और 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। अब सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड पर कोर्ट का फैसला इस पूरे मामले की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

 

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