टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh-Fertilizer-Crisis: जिले में खाद वितरण को लेकर स्थिति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। बुधवार को प्रशासनिक स्तर पर उस समय सुगबुगाहट तेज हो गई जब कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने अचानक बड़ौराघाट स्थित खाद वितरण केंद्र का जमीनी मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर चल रही वितरण व्यवस्था का बारिकी से जायजा लिया और वहां मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र के अन्नदाताओं को बिना किसी परेशानी के सुगमता से खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कलेक्टर के इस दौरे का उद्देश्य व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना था, लेकिन दूसरी ओर जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित जतारा उपज मंडी का नजारा पूरी तरह से अलग और तनावपूर्ण दिखाई दिया। जतारा मंडी में खाद वितरण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय किसानों में भारी नाराजगी साफ तौर पर देखने को मिली। सुबह से ही मंडी परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने व्यवस्थाओं के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी।
टीकमगढ़ के जतारा मंडी में खाद के लिए किसानों की लंबी कतारें, टोकन के नाम पर पैसे वसूली के आरोप; किसानों ने प्रशासन से मांगी राहत।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) October 28, 2026
मौके पर मौजूद किसानों का आरोप है कि कागजों और दावों में भले ही ई-टोकन व्यवस्था और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने की बात कही जा रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। किसानों का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उन्हें दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। सुबह सूरज निकलने के साथ ही लंबी-लंबी कतारों में अपनी बारी का इंतजार करने के लिए खड़े रहने के बाद भी उनके हाथ खाली रह जाते हैं, जबकि कुछ लोगों को कथित तौर पर बीच में लाकर आसानी से खाद मुहैया करा दी जाती है।
इस पूरी स्थिति के बीच किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टोकन के नाम पर कथित तौर पर रुपये वसूले जा रहे हैं और पैसे देने वालों को प्राथमिकता के आधार पर खाद दी जा रही है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों को लेकर फिलहाल किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है, लेकिन किसानों में पनप रहा यह असंतोष व्यवस्था पर बड़े सवाल जरूर खड़े कर रहा है।
परेशान हाल किसानों ने अब सीधे तौर पर जिला प्रशासन और कलेक्टर से इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। किसानों ने मांग की है कि जतारा मंडी में भारी भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए तत्काल प्रभाव से कम से कम दो अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं। इसके साथ ही वहां तैनात कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और आवश्यक मशीनों की व्यवस्था दुरुस्त करने की बात कही गई है, ताकि किसानों को घंटों लाइनों में न खड़ा होना पड़े और उन्हें समय पर उनकी जरूरत के अनुसार खाद मिल सके।