cyclone arnab: विशाखापट्टनम/नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है। 28 अक्टूबर की सुबह तक तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रही। तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और सड़कों पर पानी भर गया। हालात को देखते हुए रेल और हवाई यातायात पर भी असर पड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से आने-जाने वाली 21 उड़ानें रद्द की गई हैं।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बड़े स्तर पर राहत और बचाव की तैयारी की गई है। दोनों राज्यों में करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए गए हैं। ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं, जबकि करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है।
विशाखापट्टनम में 18 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
चक्रवात का असर विशाखापट्टनम में साफ दिखाई दे रहा है। यहां 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक करीब 18 घंटे में 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह मात्रा जुलाई में होने वाली औसत बारिश 133 मिमी से डेढ़ गुना से भी ज्यादा है।
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाओं से जनजीवन प्रभावित हुआ है। चेन्नई के एन्नोर बीच पर भी ऊंची समुद्री लहरें उठने और समुद्र का पानी सड़कों तक पहुंचने की खबर है। कुछ स्थानों पर गाड़ियां पानी में बहने की भी जानकारी सामने आई है।
आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और आसपास के तटीय इलाकों में भारी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने से आवागमन तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। कुछ घरों में समुद्र का पानी घुसने की भी सूचना है।
काकीनाडा जिले के बॉम्बे कट्टा इलाके में पानी भरने के कारण चार लोग फंस गए थे। पुलिस ने बचाव अभियान चलाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। श्रीकाकुलम जिले में भारी बारिश से धान के खेतों में पानी भर गया है। प्रशासन ने 167 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है। किसानों को फसलों के नुकसान की आशंका है।
ओडिशा में 30 हजार लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया
चक्रवात के कारण ओडिशा के गंजाम और गोपालपुर सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। सड़कों पर पेड़ गिरने से रास्ते बाधित हुए हैं। राहत और बचाव दल सड़कों से पेड़ हटाने में जुटे हैं। समुद्र में ऊंची लहरों को देखते हुए तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवति परिदा ने बताया कि प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ, ओडीआरएफ और अन्य विभागों की टीमें तैनात की हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए भी तैयारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
दोपहर तक कमजोर पड़ सकता है तूफान
cyclone arnab: एनडीआरएफ के आईजी नरेंद्र सिंह बुंदेला के मुताबिक, तूफान के तट से टकराने के बाद इसकी श्रेणी में कमी आई है। अनुमान है कि बुधवार दोपहर तक यह कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। शाम तक इसके और कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, तूफान कमजोर पड़ने के बाद भी भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बना रह सकता है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिजली, पानी की आपूर्ति और संचार सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
MP-UP समेत 9 राज्यों में मौसम का अलर्ट
चक्रवात अर्नब का असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के अलावा कई दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
– आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका है।
– तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है।
– मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बारिश का अनुमान है।
– झारखंड और बिहार में 28 से 30 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
– उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 29 और 30 अक्टूबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है।
cyclone arnab: प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों व बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।