Koylibeda Protest Kanker : कोयलीबेड़ा में ‘हक’ की लड़ाई: 68 गांवों के ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर मांगा विकास

VIKASH KHALKHO

Koylibeda Protest Kanker : कोयलीबेड़ा/कांकेर। छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील इलाकों में शुमार कोयलीबेड़ा में सोमवार को ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। कभी नक्सलियों की दहशत के कारण घरों में दुबकने वाले 18 ग्राम पंचायतों के 68 गांवों के ग्रामीण आज अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इलाके में नक्सलवाद अब अंतिम सांसे गिन रहा है और शांति लौट आई है, इसलिए अब उन्हें वे बुनियादी सुविधाएं चाहिए जिनसे वे दशकों से महरूम रहे हैं।

दूरी की मार: पखांजूर में बैठते हैं ब्लॉक के अधिकारी प्रदर्शनकारियों का सबसे बड़ा आरोप प्रशासनिक अनदेखी को लेकर है। ग्रामीणों ने बताया कि कोयलीबेड़ा ब्लॉक मुख्यालय तो है, लेकिन यहाँ के अधिकारी और कार्यालय 50 किलोमीटर दूर पखांजूर से संचालित होते हैं। छोटे-छोटे कामों के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीणों की मांग है कि सभी ब्लॉक स्तर के कार्यालय कोयलीबेड़ा में ही संचालित हों ताकि जनता को भटकना न पड़े।

शिक्षा और स्वास्थ्य का बुरा हाल इलाके में बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का घोर अभाव है। ग्रामीणों के अनुसार:

  • शिक्षा: स्कूल भवन जर्जर हैं और क्षेत्र में कोई महाविद्यालय (कॉलेज) नहीं है। 12वीं के बाद छात्रों को 50 किमी दूर भानुप्रतापपुर जाना पड़ता है, जिससे गरीब बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हैं।

  • स्वास्थ्य: अस्पताल केवल नाम के हैं। यहाँ न तो महिला डॉक्टर है और न ही पर्याप्त उपकरण। आपात स्थिति के लिए एक एम्बुलेंस तक नसीब नहीं है।

किसानों की पीड़ा: बैंक के लिए भटक रहे अन्नदाता खेती-किसानी पर निर्भर इस इलाके के किसानों को अपनी ही उपज का पैसा लेने के लिए 50 किलोमीटर दूर भानुप्रतापपुर जाना पड़ता है। वहाँ भी बैंक केवल बुधवार को भुगतान करता है, जिससे भीड़ और दूरी के कारण किसानों को भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में तत्काल सहकारी बैंक खोलने की मांग की है।

प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनकी 5 सूत्रीय मांगें पूरी तरह जायज हैं। यदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही कार्यालयों की वापसी, कॉलेज की स्थापना, डॉक्टरों की नियुक्ति और बैंक खोलने की दिशा में कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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