MP Lokayukta Raid: लोकायुक्त की कार्रवाई से हलचल, GST अधिकारी के कई ठिकानों पर छापे; दस्तावेजों की पड़ताल जारी

Anuj Nirala

MP Lokayukta Raid: जबलपुर। मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की कार्रवाई से सरकारी महकमे में हलचल मच गई है। दमोह में पदस्थ GST अधिकारी मनीष कुमार जैन के कई ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने एक साथ छापामार कार्रवाई की है। जबलपुर और भोपाल सहित अलग-अलग स्थानों पर की गई इस कार्रवाई में शुरुआती जांच के दौरान अधिकारी की ज्ञात आय से अधिक संपत्ति होने की बात सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अधिकारी की वैध आय लगभग 1.03 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि शुरुआती जांच में करीब 3.78 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चलने का दावा किया गया है।

लोकायुक्त की जांच में जबलपुर, भोपाल और सागर में जमीन, मकान, फ्लैट, चार पहिया वाहन और विभिन्न पॉलिसियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी दी गई है। फिलहाल, जांच टीम दस्तावेजों और संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। कार्रवाई पूरी होने और सभी दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद ही संपत्ति की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

GST अधिकारी के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त की टीम ने दमोह में पदस्थ GST अधिकारी मनीष कुमार जैन के विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की टीम ने संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की।

Read More: Chhatarpur Illegal Firecracker Raid: छतरपुर में अवैध पटाखों के गोदाम पर बड़ी कार्रवाई, सिटी सेंटर गार्डन के सामने भारी मात्रा में पटाखे बरामद

शुरुआती जांच में अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर संपत्तियां होने की जानकारी सामने आई है। जांच का मुख्य उद्देश्य अधिकारी की ज्ञात आय और उनके नाम या उनसे संबंधित व्यक्तियों के नाम पर मिली संपत्तियों के बीच अंतर का पता लगाना है।हालांकि, किसी संपत्ति का परिवार के सदस्य के नाम पर होना अपने आप में बेनामी संपत्ति होने का प्रमाण नहीं है। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों, संपत्ति के स्वामित्व और धन के स्रोत की पड़ताल के बाद ही निकाला जा सकेगा।

1.03 करोड़ की आय और 3.78 करोड़ की संपत्ति का शुरुआती आकलन

इस कार्रवाई में सबसे अहम जानकारी अधिकारी की आय और संपत्ति के शुरुआती आकलन को लेकर सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अधिकारी की ज्ञात वैध आय लगभग 1.03 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि शुरुआती जांच में करीब 3.78 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चलने का दावा किया गया है।

इन आंकड़ों के आधार पर लोकायुक्त की ओर से आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच की जा रही है। बताया गया है कि प्रारंभिक आकलन में संपत्ति ज्ञात आय से करीब 264 प्रतिशत अधिक पाई गई है। यह शुरुआती जांच का निष्कर्ष है; अंतिम मूल्यांकन और संपत्ति के स्रोतों का सत्यापन अभी महत्वपूर्ण होगा।जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संपत्तियां कब खरीदी गईं, उनके लिए भुगतान किस माध्यम से किया गया और संबंधित धन का स्रोत क्या था। इसके अलावा, आयकर रिटर्न, बैंक खातों, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच भी मामले की तस्वीर स्पष्ट करने में अहम हो सकती है।

जबलपुर, भोपाल और सागर में मिली संपत्तियों की जांच

लोकायुक्त की शुरुआती जांच में जबलपुर, भोपाल और सागर में कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी दी गई है। इनमें जमीन, मकान, आलीशान फ्लैट, चार पहिया वाहन और अलग-अलग प्रकार की पॉलिसियों से संबंधित रिकॉर्ड शामिल बताए जा रहे हैं।

टीम इन दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद की तारीख और उनके लिए इस्तेमाल किए गए धन के स्रोत का पता लगाया जा सके। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित संपत्तियां अधिकारी की ज्ञात आय और घोषित वित्तीय विवरणों से मेल खाती हैं या नहीं।फिलहाल उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक संपत्ति का अलग-अलग मूल्य और पूरा विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए कुल संपत्ति के शुरुआती आकलन और अंतिम जांच के नतीजों में अंतर संभव है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले को मनीष कुमार जैन के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया ने शिकायत का सत्यापन किया।बताया गया है कि प्रारंभिक सत्यापन में शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

Read More: Gwalior CM Rise School Pillar Collapse: 30 साल टिकने का दावा, 18 दिन में ढहा पिलर; निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूल की छत गिरी, मजदूरों को पहुंचाया गया अस्पताल

यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उपमहानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में किए जाने की जानकारी दी गई है। मामले में दर्ज प्रकरण और छापेमारी से जुड़े तथ्यों की विस्तृत पुष्टि आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जानी चाहिए।

तीन टीमें कर रही हैं दस्तावेजों की पड़ताल

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त की तीन अलग-अलग टीमें अधिकारी के ठिकानों पर जांच में जुटी हैं। टीमें संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारी की पड़ताल कर रही हैं।आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी को यह निर्धारित करना होता है कि संबंधित व्यक्ति की ज्ञात आय, खर्च और संपत्तियों के बीच कितना अंतर है और क्या उस अंतर का संतोषजनक स्रोत उपलब्ध है। इसी तरह, इस मामले में भी दस्तावेजों का सत्यापन और संपत्तियों के स्रोत की जांच महत्वपूर्ण होगी।

फिलहाल कार्रवाई जारी होने की जानकारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शुरुआती आकलन में सामने आई संपत्तियों में से किनका स्रोत संतोषजनक पाया जाता है और किनके संबंध में आगे कानूनी कार्रवाई की जरूरत होगी।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

GST अधिकारी मनीष कुमार जैन के ठिकानों पर लोकायुक्त की कार्रवाई में शुरुआती स्तर पर आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने की जानकारी दी गई है। जबलपुर, भोपाल और सागर में संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अब जांच का अगला चरण संपत्ति के स्वामित्व, मूल्यांकन और धन के स्रोत का सत्यापन होगा।

Share The News
Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *