President Draupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रायपुर में युवाओं से क्या कहा? नक्सलवाद से लेकर विकसित भारत तक दिया बड़ा संदेश

Sanjay Sahu
President Draupadi Murmu

President Draupadi Murmu: रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने ज्ञान और कौशल को लगातार विकसित करने तथा अपनी सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव अपनाना चाहिए। युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास जब राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ेंगे, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलेगी।

President Draupadi Murmu: राष्ट्रपति मुर्मू राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोग उपस्थित रहे।

नुआखाई हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक

राष्ट्रपति ने प्रदेशवासियों को नुआखाई की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं है, बल्कि यह किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

असफलता से सीखें, लगातार आगे बढ़ें युवा

राष्ट्रपति मुर्मू ने युवाओं से कहा कि वे जीवन में सीखना कभी बंद न करें। पुस्तकें पढ़ें, सवाल पूछें, नई चीजों को समझें और अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करें। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा जरूरतमंदों के काम आए और उनका ज्ञान समाज की समस्याओं का समाधान करे, तभी उनकी उपलब्धियां सार्थक होंगी। राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।

विकसित भारत के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी

राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।

उन्होंने महिलाओं से सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों और युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर दें, जिसमें वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।

नक्सलवाद से मुख्यधारा की ओर बढ़ रहे युवा: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति मुर्मू ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इससे युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ प्रदेश तथा देश के विकास को भी गति मिल रही है।

राज्यपाल ने युवाओं से सेवा-भाव अपनाने की अपील की

राज्यपाल रमेन डेका ने नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत, धरती माता के प्रति कृतज्ञता और किसानों के परिश्रम के सम्मान का प्रतीक है। यह सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।

उन्होंने राष्ट्रपति की जीवन यात्रा को प्रेरणादायक बताते हुए युवाओं से नशे और भटकाव से दूर रहने तथा ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। राज्यपाल ने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने गिनाईं युवाओं के लिए पहल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की उनकी यात्रा देश की बेटियों, युवाओं और जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाकर युवा शक्ति को विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के केंद्र में रख रही है।

उन्होंने बताया कि गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष करीब चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक और व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के तहत छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की योजना भी बताई गई।

President Draupadi Murmu: मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य की स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के तहत युवाओं के नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। इसके अलावा, चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री साय ने सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने इसे प्रदेश की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उदाहरण बताया।

 

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