भोपाल। Nishaanebaz.com-Bhopal Water Tax Controversy: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम द्वारा जलकर (Water Tax) वसूली का जिम्मा निजी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी ने इसे तानाशाही भरा और जनता विरोधी निर्णय करार देते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर, महापौर मालती राय ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे रहवासी समितियों की मांग पर लिया गया एक पूरी तरह व्यावहारिक और स्वैच्छिक निर्णय बताया है।
कांग्रेस का सवाल: एमआईसी में प्रस्ताव आखिर कैसे पास हुआ
कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया ने भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम अब घर-घर निजी एजेंट भेजकर जलकर की वसूली कराने की तैयारी कर रहा है, जिससे आम जनता और उन लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी जो समय पर कर जमा नहीं कर पा रहे हैं। बरोलिया ने सवाल उठाया कि मेयर इन काउंसिल (MIC) में इस तरह का विवादास्पद प्रस्ताव आखिर कैसे पास कर दिया गया। कांग्रेस का साफ कहना है कि जलकर की वसूली का काम पूरी तरह से नगर निगम के कर्मचारियों को ही करना चाहिए, न कि किसी निजी एजेंसी को। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इस व्यवस्था को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
महाप्रबंधक और महापौर मालती राय का तीखा पलटवार
कांग्रेस के इन हमलावर तेवरों का जवाब देते हुए महापौर मालती राय ने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने बिना किसी विषय का ठीक से अध्ययन किए और राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बयानबाजी शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई व्यवस्था शहर की हर कॉलोनी या घर में जबरन लागू नहीं की जाएगी, बल्कि यह केवल उन्हीं कॉलोनियों के लिए है जहां बल्क कनेक्शन (Bulk Connection) दिए गए हैं।
महापौर ने बताया कि विभिन्न रहवासी समितियों (Resident Welfare Associations – RWA) की लगातार मांग आ रही थी कि बल्क कनेक्शन वाले इलाकों में जलकर की वसूली और उसके आंतरिक प्रबंधन में भारी दिक्कतें आ रही हैं। यह व्यवस्था पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है। संबंधित रहवासी समिति की सहमति मिलने पर ही निजी एजेंसी इस पर काम करेगी। यदि कोई समिति या क्षेत्र इसके लिए स्पष्ट मना कर देता है, तो वहाँ यह व्यवस्था बिल्कुल लागू नहीं की जाएगी।
बीजेपी का बयान: व्यवस्था पर सवाल उठाने से फैलती है अराजकता
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता डॉ. हितेश बाजपेयी ने कहा कि सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च करके घर-घर नर्मदा का जल पहुंचाया है। भोपाल के हर वार्ड में नर्मदा का पानी पहुंच रहा है और पानी की एक निश्चित दर होती है। जल की दरों का संग्रह करना नगर निगम का कार्य है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को इससे कोई आपत्ति है तो उसे कायदे से आपत्ति दर्ज करानी चाहिए, लेकिन केवल व्यवस्था पर बेबुनियाद प्रश्नचिह्न खड़े करके शहर में अराजकता पैदा करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।