D.Ed. candidates: रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1316 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आमरण अनशन शुरू कर दिया है। 13 अक्टूबर से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि पिछले 293 दिनों से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। अब वे नियुक्ति मिलने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
अभ्यर्थियों ने साफ कहा है कि इस बार केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनका नारा है- “नियुक्ति लेकर ही घर जाएंगे या फिर अर्थी पर।” आंदोलनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है।
10 महीने से नियुक्ति का इंतजार, अब आर-पार की लड़ाई
अभ्यर्थियों के अनुसार, स्कूल शिक्षा विभाग ने सहायक शिक्षक के 1316 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। भर्ती का परिणाम और पात्रता सूची जारी होने के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। इसी मांग को लेकर डीएड प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थी 24 दिसंबर 2025 से तूता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं।
लगभग 10 महीने तक इंतजार करने और कई बार अपनी मांग उठाने के बाद भी समाधान नहीं निकलने पर अभ्यर्थियों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि अब नियुक्ति को लेकर निर्णायक संघर्ष किया जाएगा।
पहले भी मिला था आश्वासन, लेकिन नियुक्ति नहीं
आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों का आरोप है कि इससे पहले भी उन्हें आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया गया था, लेकिन उनकी नियुक्ति का मामला जस का तस बना हुआ है। इसी वजह से इस बार वे किसी भी मौखिक आश्वासन पर आंदोलन खत्म नहीं करना चाहते।
अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक नियुक्ति को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि लंबे समय से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं के सामने अब धैर्य बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग
डीएड अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए 1316 सहायक शिक्षक पदों पर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। उनका आरोप है कि न्यायालयीन आदेशों के बावजूद नियुक्ति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही है। हालांकि, संबंधित न्यायालयीन आदेशों के दायरे और भर्ती की मौजूदा स्थिति को लेकर शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
D.Ed. candidates: प्रशासन को दी सूचना, स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग
D.Ed. candidates: अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन को लिखित सूचना देकर आमरण अनशन शुरू करने की जानकारी दी है। उन्होंने अनशन स्थल पर आवश्यक सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था उपलब्ध कराने के साथ ही शासन स्तर पर बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया है। पत्र में संजय कुमार, अमित कुमार, भागवत कुमार और पवित्रा सहित अन्य अभ्यर्थियों के आमरण अनशन पर बैठने का उल्लेख किया गया है। फिलहाल, आंदोलनकारियों की मुख्य मांग 1316 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति है। अब देखना होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग इस आंदोलन पर क्या कदम उठाते हैं।


