रीवा। Nishaanebaz.com-Rewa Medical College Crisis: मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी स्मारक चिकित्सालय में लगभग 45 दिन पूर्व हुए चर्चित ‘कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा कांड’ में शासन-प्रशासन द्वारा की जा रही लगातार दंडात्मक कार्रवाई के बाद अब चिकित्सा जगत में भारी आक्रोश पनप गया है। मामले में दो स्टाफ नर्सों सहित मेडिकल कॉलेज के तीन वरिष्ठ अध्यापकों (प्रोफेसरों) के विरुद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को ‘एकपक्षीय’ करार देते हुए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर पूरी तरह से लामबंद हो गए हैं। प्रशासन के इस रवैये से क्षुब्ध होकर चिकित्सकों ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है और चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया है।
‘बिना हमारा पक्ष सुने की गई एकपक्षीय कार्रवाई’ आंदोलनरत चिकित्सकों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन द्वारा की जा रही पूरी जांच और दंडात्मक कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई करने से पहले संबंधित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ का पक्ष तक जानने की जहमत नहीं उठाई। निष्पक्ष जांच और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों की अनदेखी किए जाने से आहत होकर मेडिकल कॉलेज के समस्त डॉक्टरों ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया है।
आंदोलन के प्रथम दिवस श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और रेजीडेंट डॉक्टरों ने अपने हाथों और बाजू पर काली पट्टी बांधकर ड्यूटी की और शासन-प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रोष प्रकट किया।
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ओपीडी ठप करने और काम बंद करने की चेतावनी चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति की जानकारी देते हुए वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में लगातार दो दिनों तक सभी चिकित्सक बाजू में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी यदि प्रशासन ने अपना एकपक्षीय रवैया नहीं बदला और चिकित्सकों का पक्ष नहीं सुना, तो अगले चरण में प्रतिदिन 2 घंटे के लिए ओपीडी (OPD) सेवाओं को पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
डॉक्टर्स एसोसिएशन ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि इसके बाद भी उनकी मांगों और निष्पक्ष जांच की अपील पर विचार नहीं किया गया, तो प्रदेश के सभी चिकित्सक स्वयं को हर प्रकार के चिकित्सीय कार्यों (इमरजेंसी व नियमित सेवाओं) से पूरी तरह पृथक कर लेंगे।
रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में कल्पना मिश्रा जच्चा-बच्चा मामले की कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। चिकित्सकों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए OPD बंद करने की चेतावनी दी।
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— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) October 13, 2026
स्वास्थ्य सेवाओं पर मंडरा सकता है बड़ा संकट डॉक्टरों के इस आक्रामक रुख के कारण रीवा संभाग के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका बन गई है। डॉ. पुष्पेंद्र शुक्ला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि आंदोलन के उग्र होने से मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा होती है, तो उसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। फिलहाल, चिकित्सकों के काली पट्टी बांधकर काम करने से अस्पताल परिसर में गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।


