Bhopal CBI Action: भोपाल | मध्य प्रदेश में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के आरोप में CGST के एक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अधिकारी एक स्क्रैप कारोबारी से कारोबार बिना रुकावट चलाने के बदले हर महीने 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था। CBI ने कथित तौर पर 2 लाख रुपये लेते हुए अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद की गई छापेमारी में उसके घर से 72.50 लाख रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है।
स्क्रैप कारोबारी ने की थी शिकायत
CBI के मुताबिक, CGST की निवारक शाखा में तैनात राजेश कुमार के खिलाफ शिकायत मिली थी। रायसेन जिले के मंडीदीप के स्क्रैप कारोबारी मुबीन खान ने 9 अक्टूबर को अधिकारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारी ने ई-वे बिल नहीं होने की बात कहकर इंदौर से भोपाल आ रहे वाहन को रोक दिया था। इसके बाद मंडीदीप स्थित उसके गोदाम पर छापेमारी की गई। कारोबारी ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के दौरान उससे 11 लाख रुपये वसूले गए।
कॉफी हाउस में बुलाकर हर महीने मांगे 2 लाख रुपये
कारोबारी के मुताबिक, अधिकारी ने उसे एक कॉफी हाउस में बुलाया था। आरोप है कि वहां कारोबार बिना किसी परेशानी के चलाने के लिए हर महीने 2 लाख रुपये देने की मांग की गई। रिश्वत की रकम हर महीने की 10 तारीख को देने की बात कही गई थी।
कारोबारी ने यह भी आरोप लगाया कि पैसे नहीं देने पर उसका कारोबार बंद कराने और परेशान करने की धमकी दी गई। लगातार कथित दबाव से परेशान होकर उसने CBI से शिकायत की।
2 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार, घर से मिले 72.50 लाख
शिकायत के आधार पर CBI ने कार्रवाई करते हुए अधिकारी को कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद जांच एजेंसी ने भोपाल और उत्तर प्रदेश के कानपुर में संबंधित ठिकानों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान अधिकारी के घर से 72.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा उसकी चल-अचल संपत्तियों से संबंधित जानकारी भी खंगाली जा रही है।
संपत्तियों की जांच में जुटी CBI
CBI अब मामले से जुड़े दस्तावेजों, बरामद नकदी और संपत्तियों की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित रिश्वतखोरी के मामले में और कौन-कौन शामिल है तथा अधिकारी की संपत्तियों का स्रोत क्या है।
फिलहाल, मामले में सामने आए आरोपों की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।


