MP News: जबलपुर। मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के नजदीक इस बार शारदीय नवरात्रि में भक्ति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। चरगवां के पास स्थित सूखा (भारतपुर) गांव में मां दुर्गा के 31 दिव्य स्वरूपों की स्थापना की जाएगी। यहां पांच फीट से लेकर 81 फीट तक ऊंची प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। दश महाविद्या से लेकर नवदुर्गा, महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन एक ही परिसर में होंगे।
सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति सूखा के तत्वावधान में 11 से 22 अक्टूबर 2026 तक भव्य धार्मिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शतचंडी महायज्ञ, दुर्गा पाठ, महाआरती, कथा वाचन और संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
पांच एकड़ में तैयार होगा भव्य धार्मिक परिसर
आयोजकों के अनुसार, इस महोत्सव का आयोजन दूसरे वर्ष किया जा रहा है। इसके लिए करीब पांच एकड़ भूमि निर्धारित की गई है, जिसमें लगभग दो एकड़ क्षेत्र में देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और यज्ञ सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता एक ही स्थान पर मां भगवती के 31 स्वरूपों के दर्शन होना है। प्रतिमाओं की ऊंचाई पांच फीट से लेकर लगभग 81 फीट तक होगी। विशाल प्रतिमाओं और भव्य सजावट के बीच श्रद्धालुओं को अलग-अलग देवी स्वरूपों की आराधना करने का अवसर मिलेगा। आयोजकों को उम्मीद है कि यह धार्मिक महोत्सव बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा।
11 अक्टूबर को कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
12 दिनों तक चलने वाले महोत्सव की शुरुआत 11 अक्टूबर को भव्य कलश शोभायात्रा और 31 देवी प्रतिमाओं की स्थापना के साथ होगी। इसके बाद नवरात्रि के दौरान विधि-विधान से पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर को विशेष पूजन होगा। वहीं, 18 अक्टूबर को अष्टमी पूजन के साथ रात आठ बजे मां भगवती की महाआरती आयोजित की जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
शतचंडी महायज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन
महोत्सव में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शतचंडी महायज्ञ विशेष आकर्षण रहेगा। आचार्य संदीप तिवारी के मार्गदर्शन में महायज्ञ संपन्न कराया जाएगा। वहीं, आचार्य कन्हैयानंद शास्त्री प्रतिदिन शाम चार बजे से छह बजे तक कथा वाचन करेंगे। कथा और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया जाएगा।
आयोजन के कार्यक्रम के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दुर्गा पाठ के बाद शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति और विशाल भंडारे का आयोजन प्रस्तावित है। इसके बाद 22 अक्टूबर को दशहरा कार्यक्रम के साथ महोत्सव का समापन होगा।
भक्ति और संगीत से सराबोर रहेगा पूरा परिसर
धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा महोत्सव में रात के समय संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इससे पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बनेगा। मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन, विशाल प्रतिमाएं, शतचंडी महायज्ञ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस आयोजन को खास बनाएंगी।
जबलपुर के सूखा (भारतपुर) गांव में होने वाला यह महोत्सव नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनने की तैयारी में है। 31 देवी स्वरूपों के दर्शन और 81 फीट तक ऊंची प्रतिमाओं के कारण यह आयोजन क्षेत्र में विशेष आकर्षण का केंद्र रहने की उम्मीद है।

