टीकमगढ़। Nishaanebaz.com-Tikamgarh Ranipura Bridge Crisis: मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से ग्रामीण विकास और प्रशासनिक लापरवाही की एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले की जतारा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रानीपुरा में पिछले 3 वर्षों से एक महत्वपूर्ण पुलिया पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ी है, जिसका आज दिनांक तक नया निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। इस मुख्य मार्ग के बंद होने और तालाब में जलभराव की स्थिति के कारण रानीपुरा पंचायत के पठरण मोहल्ले के करीब 300 परिवारों का गांव से सीधा संपर्क पूरी तरह से टूट गया है।
तालाब में अत्यधिक जलभराव और गहराई अधिक होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी के नौनिहालों को आवागमन के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि पहले लोगों को इस पार से उस पार जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक तक से की, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद आज तक कोई नया निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया।
प्रशासन की इस उदासीनता और लगातार बढ़ रही कठिनाइयों से तंग आकर आखिरकार ग्रामीणों और सरपंच प्रतिनिधि ने मिलकर एक अनोखा और जोखिम भरा रास्ता निकाला। सभी ने आपसी सहयोग से एक ‘देशी जुगाड़ का पुल’ तैयार किया है, जिसके जरिए अब स्कूली बच्चों और आम ग्रामीणों को आना-जाना पड़ रहा है। हालांकि, इस जुगाड़ के पुल से गुजरना किसी बड़े खतरे को दावत देने जैसा है और यह पूरी तरह से जान जोखिम में डालने वाला तथा चुनौतियों से भरा हुआ है।
टीकमगढ़ के रानीपुरा में 3 साल से पुलिया क्षतिग्रस्त, करीब 300 परिवार प्रभावित। ग्रामीणों ने जुगाड़ का पुल बनाया, जान जोखिम में डालकर आवागमन जारी।
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— News (@khalkho_ji) October 7, 2026
जब इस गंभीर मामले की जानकारी हमारे चैनल संवाददाता को लगी, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद ग्रामीणों के साथ-साथ सरपंच प्रतिनिधि रतनेश यादव से भी विस्तृत चर्चा की। बातचीत के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए प्रशासन से जल्द से जल्द पक्की पुलिया के निर्माण की मांग की है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और ग्रामीणों को इस स्थायी समस्या से निजात मिल सके।






