Indore Road Collapse: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क-मध्य प्रदेश के इंदौर में सड़क धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गाड़ी अड्डा, पंढरीनाथ, विजय नगर और जूनी इंदौर के बाद अब परदेशीपुरा रोड नंबर-3 पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है। ड्रेनेज लाइन के पास सड़क धंसने से एक बार फिर नगर निगम की कार्यप्रणाली और सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।लगातार अलग-अलग इलाकों में सड़क धंसने की घटनाओं ने शहर के सड़क और ड्रेनेज कामों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बार-बार सड़क धंसने की वजह क्या है और इन निर्माण कार्यों की निगरानी किस तरह की जा रही है।
परदेशीपुरा में रोड नंबर-3 पर जिस जगह सड़क धंसी है, वह ड्रेनेज लाइन के पास बताई जा रही है। ऐसे में सड़क निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था के बीच तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।गाड़ी अड्डा, पंढरीनाथ, विजय नगर और जूनी इंदौर के बाद एक और स्थान पर सड़क धंसने से नगर निगम और संबंधित ठेकेदारों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बीच निर्माण सामग्री, सड़क की मजबूती और काम की गुणवत्ता की जांच की मांग भी उठ रही है।
एक के बाद एक मामले, जिम्मेदारी किसकी?
शहर में सड़क धंसने की घटनाएं लगातार सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन सड़कों के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है। अगर ड्रेनेज लाइन के आसपास बार-बार सड़क धंस रही है तो निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों और जमीन की स्थिति की जांच कितनी गंभीरता से की गई, यह भी अहम सवाल है।सड़क धंसने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में प्रभावित स्थानों पर तत्काल सुरक्षा इंतजाम और स्थायी सुधार की जरूरत है।
कचरे के ढेर में मेयर के पोस्टर लगाकर कांग्रेस का प्रदर्शन
सड़क धंसने के मुद्दे के बीच इंदौर में सफाई व्यवस्था को लेकर भी सियासत गरमा गई। कांग्रेस ने नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए कचरे के ढेर के बीच महापौर पुष्यमित्र भार्गव के पोस्टर लगाए।कांग्रेस नेताओं गिरीश जोशी, विवेक खंडेलवाल और विभाष शर्मा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में सफाई व्यवस्था और सफाई मित्रों की लंबित मांगों को लेकर नगर निगम पर निशाना साधा गया।
पोस्टर पर लिखा आपत्तिजनक संदेश
प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों पर कांग्रेस की ओर से महापौर को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक संदेश लिखा गया था— “महापौर एक काम करो, कचरे के ढेर में डूब मरो।”यह प्रदर्शन सफाई व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के आक्रोश को दिखाने की कोशिश के तौर पर किया गया। हालांकि पोस्टर पर लिखे इस संदेश को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विवाद की संभावना भी बढ़ सकती है।
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सफाई मित्रों की मांगों को लेकर भी प्रदर्शन
कांग्रेस ने केवल शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि सफाई मित्रों से जुड़ी कई लंबित मांगों को भी प्रदर्शन का हिस्सा बनाया। पार्टी नेताओं ने नियमितीकरण, समान काम के लिए समान वेतन, स्थायी भर्ती और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग रखी।इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर भी नगर निगम को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने शहर से जमा कचरा तत्काल उठाने और सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की मांग की। पार्टी ने नगर निगम की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर जमीनी स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत है।इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ सड़क धंसने की घटनाओं ने निर्माण और ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, तो दूसरी तरफ कचरा और सफाई व्यवस्था को लेकर राजनीतिक विरोध तेज हुआ है।
इंदौर निगम के सामने दोहरी चुनौती
परदेशीपुरा में सड़क धंसने और सफाई व्यवस्था को लेकर हुए कांग्रेस के प्रदर्शन ने नगर निगम के सामने दो अलग-अलग मोर्चे खड़े कर दिए हैं। सड़क निर्माण की गुणवत्ता, ड्रेनेज लाइन के आसपास की स्थिति और सड़कों के रखरखाव के साथ-साथ शहर की सफाई व्यवस्था पर भी जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।अब देखना होगा कि सड़क धंसने की घटनाओं को रोकने और सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए नगर निगम की ओर से क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।






