विदिशा। Nishaanebaz.com-Vidisha District Hospital Case: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ जिला अस्पताल में परिवार नियोजन के तहत नसबंदी ऑपरेशन कराने के बाद 31 वर्षीय एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
मृतका की पहचान बंटी नगर निवासी 31 वर्षीय संगीता लोधी (पत्नी त्रिलोक लोधी) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, संगीता की यह तीसरी डिलीवरी थी। प्रसव पीड़ा होने पर घर पर ही उसकी सामान्य डिलीवरी हुई थी, जिसके बाद उसने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। हालांकि, नाल (Placenta) न कटने के कारण परिजन जच्चा और बच्चा दोनों को लेकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे थे।
परिजनों का आरोप: तीन इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत
अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों का कहना है कि उस वक्त माँ और बच्ची दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे। इसके बाद संगीता की सहमति से डॉक्टरों ने उसकी नसबंदी (Sterilization) का ऑपरेशन किया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के कई घंटों तक उसकी हालत बिल्कुल सामान्य रही, लेकिन बाद में उसके पेट में तेज दर्द होने लगा।
परिजनों का आरोप है कि दर्द की शिकायत करने पर नर्स ने उसे लगातार तीन इंजेक्शन दिए। जैसे ही तीसरा इंजेक्शन लगाया गया, संगीता की हालत अचानक तेजी से बिगड़ गई और उसकी पल्स (Pulse) बंद हो गई। आनन-फानन में अस्पताल के स्टाफ ने उसे आईसीयू (ICU) में भर्ती कर इलाज शुरू किया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
अचानक हुई इस मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने अस्पताल के इलाज की प्रक्रिया, डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ द्वारा दिए गए इंजेक्शन और महिला की मौत के असल कारणों की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की ओर से महिला की मौत की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) पर टिकी हुई हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों और किन कारणों से हुई है।






