गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। Nishaanebaz.com-Raigarh Crime Prevention: आगामी नवरात्रि और त्योहारों के सीजन के मद्देनजर रायगढ़ शहर में शांति एवं कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशों पर रायगढ़ पुलिस द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों, निगरानी, गुंडा एवं माफी बदमाशों पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। इसी कड़ी में महीने की पहली तारीख को शहर के थाना कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल क्षेत्र के चिन्हित बदमाशों ने संबंधित थानों में पहुंचकर अपनी हाजिरी दर्ज कराई।
पूर्व में नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) मयंक मिश्रा द्वारा दिए गए निर्देशों का सख्ती से पालन कराते हुए बदमाशों को हर माह की पहली तारीख को थाने में उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। हाजिरी के दौरान इन व्यक्तियों को अपने वर्तमान जीवन-यापन के साधनों और दैनिक गतिविधियों का पूरा ब्योरा पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करना पड़ रहा है। पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना और असामाजिक तत्वों को अपराध के रास्ते से दूर रखकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
Read More : CG Vyapam Exam: राजनांदगांव में व्यापम परीक्षा शुरू, गेट पर तलाशी के बाद परीक्षा कक्ष में फिर जांच
आगामी नवरात्रि पर्व को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) राहुल उईके ने थानों में हाजिरी देने पहुंचे बदमाशों को विशेष रूप से बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवरात्रि के दौरान शहर में गरबा, डांडिया और विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन होता है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवतियां और बच्चियां शामिल होती हैं। महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस अति-संवेदनशील है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएसपी राहुल उईके ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि गरबा स्थलों या अन्य आयोजनों के दौरान किसी ने भी छेड़खानी, छींटाकशी, अभद्र व्यवहार या विवाद करने की कोशिश की, तो अब किसी भी सूरत में केवल समझाइश देकर नहीं छोड़ा जाएगा। ऐसी शिकायत मिलते ही संबंधित आरोपी के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे सीधे जेल भेजा जाएगा। साथ ही पुलिस ने बदमाशों को हिदायत दी कि यदि उन्हें रोजगार या जीवन-यापन से संबंधित कोई वास्तविक समस्या है, तो वे प्रशासन को बताएं ताकि नियमानुसार सहयोग किया जा सके, लेकिन कानून तोड़ने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।






