Indore Firing Case: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- इंदौर के ग्रीन पार्क इलाके में 1 अक्टूबर की शाम कथित तौर पर सरेआम फायरिंग की घटना सामने आई। पुरानी रंजिश और समझौते को लेकर विवाद के बीच आरोपियों ने एक व्यक्ति और उसके साथी का पीछा किया और रास्ता रोककर धमकी देने के बाद गोली चलाने का आरोप है।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर गोली चलने से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। मामले में चंदन नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से अवैध देशी पिस्टल, जिंदा राउंड, वाहन और फायरिंग के बाद मिला खाली खोखा बरामद किया गया है।
पुरानी रंजिश को लेकर पीछा करने का आरोप
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, फरियादी मोहम्मद समीर खान अपने साथी के साथ एक्टिवा से जा रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर ब्लैक थार और एक्टिवा से उनका पीछा किया।आरोप है कि रास्ते में उनका वाहन रोका गया और जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद मोनू उर्फ मुसेफ ने कथित तौर पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली चलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ की स्थिति बन गई।पुलिस अब पूरे घटनाक्रम, फायरिंग की वजह और आरोपियों के बीच पुराने विवाद को लेकर जांच कर रही है।
आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड ने बढ़ाई चिंता
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 20 वर्षीय मोनू उर्फ मुसेफ के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं 18 वर्षीय दानिश उर्फ फाइव स्टार के खिलाफ चार मामले बताए गए हैं।तीसरे आरोपी 18 वर्षीय अल्फाइज का नाम भी पहले एक आपराधिक मामले में सामने आ चुका है। पुलिस ने मामले में एक नाबालिग की संलिप्तता की भी जानकारी दी है।पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के खिलाफ पहले प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर जैसी कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद फायरिंग की घटना सामने आने के बाद इलाके में अपराधियों पर कार्रवाई और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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तीन दिन बाद गिरफ्तारी, कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल
घटना के करीब तीन दिन बाद चंदन नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध देशी पिस्टल, जिंदा राउंड, थार, एक्टिवा और खाली खोखा जब्त करने की बात कही है।यहीं से पुलिस की कार्रवाई की टाइमिंग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी में लगे समय को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठे हैं कि जब आरोपी पुलिस के रिकॉर्ड में पहले से दर्ज थे, तो उन तक पहुंचने में इतना समय क्यों लगा।हालांकि पुलिस की ओर से जारी जानकारी में कार्रवाई को त्वरित और प्रभावी बताया गया है। ऐसे में घटना और गिरफ्तारी के बीच के समय को लेकर पुलिस की वास्तविक जांच प्रक्रिया क्या रही, यह भी महत्वपूर्ण सवाल है।
अवैध हथियार कहां से आया, पुलिस खंगाल रही नेटवर्क
फायरिंग में इस्तेमाल कथित अवैध पिस्टल की बरामदगी के बाद पुलिस अब हथियार के स्रोत की भी जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कोई सप्लायर या नेटवर्क तो नहीं है।इसके अलावा पुलिस आरोपियों के पुराने मामलों, आपसी संपर्क और घटना से पहले की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।
फायरिंग के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
ग्रीन पार्क कॉलोनी में सड़क पर कथित फायरिंग की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऐसे आरोपियों के मामले में, जिनके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है, निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर चर्चा होना स्वाभाविक है।फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे जांच जारी है। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि फायरिंग के पीछे पुरानी रंजिश की वास्तविक वजह क्या थी, हथियार कहां से आया और घटना के दौरान आरोपियों की पूरी भूमिका क्या रही।






