Thursday, September 24, 2026
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धर्म: पितृ पक्ष में भूलकर भी न करें ये 9 गलतियाँ, जीवन में आ सकती है भारी मुश्किलें

धर्म: साल का वह खास समय आ चुका है, जब हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2026) की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से होने जा रही है, जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। इन 15-16 दिनों में लोग अपने पितरों की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं। शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, यह वो समय होता है जब हमारे पूर्वज किसी न किसी रूप में अपने परिवार से मिलने धरती पर आते हैं। यही वजह है कि इस दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।

पितृ पक्ष में क्यों नहीं किए जाते शुभ कार्य?

विष्णु पुराण में इस बात का उल्लेख मिलता है कि पितृ पक्ष के दिनों में पितरगण सूक्ष्म रूप में अपने परिजनों के पास मौजूद रहते हैं। ऐसे समय में यदि घर में कोई नया, मांगलिक या उत्सव जैसा कार्य किया जाए, तो इससे पूर्वजों का अनादर माना जाता है। इसके अलावा, वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टियों से देखा जाए, तो इन दिनों हमारा पूरा ध्यान और शारीरिक-मानसिक ऊर्जा सिर्फ पितरों के तर्पण और पूजन पर होनी चाहिए। यदि आप नए कामों में उलझ जाएंगे, तो न तो अपने पूर्वजों को पूरा समय दे पाएंगे और न ही पूरी श्रद्धा से उनकी सेवा कर पाएंगे। पितरों की नाराजगी से जीवन में करियर की रुकावटें, कलह और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

इन 9 चीजों को खरीदने से बचें

श्राद्ध पक्ष के दौरान शोक और संयम का माहौल रखा जाता है, इसलिए इस अवधि में कुछ खास चीजों की खरीदारी करना बेहद अशुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों भूलकर भी 9 चीजों को घर न लाएं:

नए कपड़े: इस दौरान किसी भी नए वस्त्र की खरीदारी करने से बचना चाहिए। उत्सव या खुशी के मौकों पर ही नए कपड़े पहने जाते हैं।

आभूषण: सोना, चांदी या किसी भी तरह के नए आभूषण इस अवधि में नहीं खरीदने चाहिए।

नया वाहन: कार, बाइक या स्कूटर जैसी कोई भी सवारी इस दौरान घर लाने की मनाही होती है।

संपत्ति या जमीन: नया मकान, फ्लैट या प्लॉट की रजिस्ट्री और खरीदारी इस दौरान टाल देनी चाहिए।

झाड़ू: वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पितृ पक्ष में इसे खरीदना अशुभ माना गया है।

सरसों का तेल: इस अवधि में तेल की खरीदारी से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

नमक: हालांकि रसोई की मुख्य जरूरत नमक है, लेकिन ज्योतिषीय नियमों के अनुसार पितृ पक्ष में नमक की खरीद से बचना चाहिए।

इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स: मोबाइल, टीवी, फ्रिज या कोई भी नया इलेक्ट्रॉनिक गैजेट इन दिनों घर न लाएं।

नया फर्नीचर: सोफा, बेड या डाइनिंग टेबल जैसी लकड़ी या घर की अन्य नई सजावट की चीजें भी इस दौरान नहीं खरीदी जाती हैं।

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