सीहोर। Nishaanebaz.com-Sehore Farmers Chakka Jam: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भेरूंदा तहसील अंतर्गत ग्राम गोपालपुर में किसानों की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं और मांगों को लेकर आक्रोशित किसानों ने मुख्य मार्ग पर जोरदार चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। किसान स्वराज संगठन के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों किसानों ने रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे निर्माण के लिए अधिगृहीत जमीनों का चार गुना मुआवजा देने, फसल बीमा राशि के वितरण और अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को तत्काल पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण गोपालपुर बस स्टैंड और मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं।
रविवार को किसान स्वराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र जाट के नेतृत्व में जिले भर के किसान सबसे पहले ग्राम गोपालपुर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर में एकत्रित हुए। वहां आयोजित विशाल किसान सभा को संबोधित करने के बाद किसान रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए गोपालपुर बस स्टैंड पहुंचे और सड़क पर बैठकर धरना देना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर वे स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सीहोर के गोपालपुर में किसानों का चक्काजाम। चार गुना मुआवजा, फसल बीमा और अधूरी सिंचाई परियोजना पूरी करने समेत कई मांगें उठाईं।#सीहोर #किसान #चक्काजाम #मध्यप्रदेश #Sehore #Farmers #ChakkaJam #MadhyaPradesh #FarmerProtest #Nishaanebaz pic.twitter.com/JIrV7Fxk9m
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 20, 2026
Read More : Tata Sierra की नई Legend Series लॉन्च, कम कीमत से लेकर प्रीमियम फीचर्स तक जानें सबकुछ
प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि क्षेत्र में रेलवे और राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के लिए अधिगृहीत की गई किसानों की उपजाऊ जमीनों का तत्कालीन बाजार दर के हिसाब से चार गुना मुआवजा तत्काल दिया जाए। इसके साथ ही गोपालपुर क्षेत्र के छूटे हुए तीन गांवों के किसानों को लंबित फसल बीमा की राशि जारी की जाए। किसानों ने यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘छिपानेर सिंचाई परियोजना’ 10 साल बीत जाने के बाद भी अधूरी पड़ी है, जिसे अविलंब पूरा किया जाना चाहिए।
किसानों ने हाल ही में इटावा गांव के एक किसान को पटवारी द्वारा थप्पड़ मारे जाने की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आरोपी पटवारी के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द अमलीजामा नहीं पहनाया, तो पूरा क्षेत्र उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। चक्काजाम की सूचना मिलने पर एसडीओपी रोशन कुमार जैन और भेरूंदा तहसीलदार सौरभ शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान प्रतिनिधियों से वार्ता कर ज्ञापन प्राप्त किया और सभी मांगों का शीघ्र निराकरण कराने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम समाप्त किया।







[…] […]