Raipur News: रायपुर। राजधानी के गुढ़ियारी थाना परिसर में कथित मारपीट, तोड़फोड़ और पुलिसकर्मियों से बदसलूकी के आरोपों के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। गुरुवार को क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मामले के विरोध में बड़ा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने भारत माता चौक से गुढ़ियारी थाना तक रैली निकाली और इसके बाद थाने पहुंचकर बड़ी संख्या में एकत्र होकर प्रदर्शन किया।
Raipur News: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस भी इसी देश की नागरिक है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। पुलिस का काम आम जनता को सुरक्षा देना है, लेकिन अगर पुलिसकर्मी और थाना ही सुरक्षित नहीं हैं तो फिर जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार सुशासन और राजधानी रायपुर में कमिश्नर प्रणाली का डंका बजाया जाता है, लेकिन थाना परिसर में ही इस तरह की घटना सामने आना कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
Raipur News: कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि गुढ़ियारी थाना परिसर में शुभंकर द्विवेदी ने घुसकर तोड़फोड़ की और थाना प्रभारी के साथ बदतमीजी की। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इसके बावजूद अब तक उसे हिरासत में नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुभंकर द्विवेदी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है और सत्ताधारी दल से जुड़े होने का फायदा उसे मिल रहा है।
Raipur News: प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि शुभंकर द्विवेदी को जल्द से जल्द हिरासत में लिया जाए और उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कार्यकर्ताओं ने उसका जुलूस निकालने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और राजनीतिक पहचान के आधार पर किसी को भी संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
Raipur News: क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और कानून के सम्मान के लिए है। उन्होंने कहा कि जो पुलिस दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहती है, अगर उसी के साथ थाना परिसर में कथित तौर पर बदसलूकी और तोड़फोड़ होती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
Raipur News: प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। गुढ़ियारी थाना विवाद अब कानून-व्यवस्था के साथ-साथ राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को लेकर भी चर्चा में है।अगर चाहें तो इसे मैं और ज्यादा प्रखर, अखबार की फ्रंट-पेज क्राइम/पॉलिटिकल स्टोरी वाली भाषा में भी बना सकता हूं।






