Reva News: रीवा: गांधी मेमोरियल अस्पताल में 26 अगस्त को हुई प्रसूता कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। ड्रग इंस्पेक्टर राधेश्याम बट्टी के निलंबन की जानकारी सामने आई है, वहीं डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी हुई है। सोनल अग्रवाल की बर्खास्तगी 2023 से लंबित पुराने मामले से जुड़ी बताई गई है। लेकिन इसी कार्रवाई के बीच अब एक दूसरा सवाल चर्चा में है कि आखिरकार डॉ. बीनू सिंह को लेकर विभाग का रुख नर्म क्यों है
साल 2023 के एक एक ही सरकारी आदेश से संबंधित बिन्दुओ के अनुसार डॉ. बीनू सिंह की तीन वेतनवृद्धियां रोकने और डॉ सोनल अग्रवाल को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी हुआ था उसी प्रकरण में वर्ष 2026 के सितंबर माह कि 16 तारीख़ को डॉ. सोनल अग्रवाल के खिलाफ सेवा समाप्त कर दी गई लेकिन डॉ बीनू सिंह को लेकर प्रशासन ने नर्म रुख अपनाते हुए कोई कार्यवाही नहीं की
गौरतलब है कि 2023 का आदेश प्रभावी था, तो उसके बाद डॉ. बीनू सिंह को विभाग प्रमुख सहित प्रभारी निदेशक नर्सिंग सेवाएं जैसे प्रमुख पदों कि जिम्मेवारी किस आधार पर दे दी गई सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विभागीय कार्रवाई के लिए अलग-अलग पैमाने तय हैं?
वही इस पूरे मामले में जब प्रदेश के स्वास्थ्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से जानकारी चाही गई तो उन्होंने ईसी के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि आदेश पढ़िए उस में सब है। वहीं डॉक्टर बीनू सिंह के बारे में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा जब आप को सब पता है तो हमसे पूछते क्यों हैं।







