BRICS Summit 2026: दिल्ली पहुंचे शी जिनपिंग! आज गलवान के बाद PM मोदी से पहली बड़ी मुलाकात

Rahul Goshwami

BRICS Summit 2026: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क – नई दिल्ली में शनिवार से BRICS शिखर सम्मेलन 2026 शुरू हो रहा है। सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार दोपहर दिल्ली पहुंचे। करीब सात साल बाद उनका भारत दौरा हो रहा है। पालम एयरपोर्ट पर केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया।इस दौरे को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत होनी है। दोनों नेताओं की मुलाकात पर भारत और चीन के रिश्तों के साथ-साथ दुनिया की भी नजर है।

BRICS शिखर सम्मेलन 2026 से इतर प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शनिवार शाम बैठक होने की उम्मीद है। दोनों देशों के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों में आई तल्खी के बीच यह मुलाकात काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।बैठक में सीमा विवाद, दोनों देशों के बीच सहयोग और रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक का पूरा एजेंडा आधिकारिक रूप से सामने आना बाकी है।

चीन ने दिए रिश्ते सुधारने के संकेत
शी जिनपिंग के दिल्ली पहुंचने से कुछ घंटे पहले भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग ने सोशल मीडिया पर भारत-चीन संबंधों को लेकर अहम बात कही। उन्होंने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने और मतभेदों को सही तरीके से सुलझाने के लिए भारत के साथ काम करना चाहता है।BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के बीच चीन की ओर से आया यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में सीमा विवाद और दूसरे मुद्दों को लेकर तनाव रहा है।
Read More: PM मोदी-जिनपिंग मिलेंगे आज, BRICS Summit 2026 में इस बैठक पर क्यों है सबसे ज्यादा नजर?

‘मतभेदों को उचित तरीके से सुलझाएंगे’
चीनी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री मोदी के रणनीतिक मार्गदर्शन में दोनों देश संबंधों को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे। उन्होंने संचार बढ़ाने, सहयोग मजबूत करने और मतभेदों का उचित समाधान तलाशने की बात कही।उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

2019 के बाद पहली बार भारत दौरा
शी जिनपिंग आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। तब उन्होंने तमिलनाडु के मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अनौपचारिक बैठक की थी।इसके बाद 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सैन्य तनाव बढ़ गया। जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिकों की मौत हुई थी। चीन ने भी अपने सैनिकों के हताहत होने की बात स्वीकार की थी।इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा असर पड़ा और सीमा पर लंबे समय तक तनाव बना रहा।

सीमा विवाद रहेगा बड़ा मुद्दा
BRICS शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान मोदी-जिनपिंग बातचीत में सीमा से जुड़े मुद्दे अहम रह सकते हैं। भारत लगातार यह कहता रहा है कि सीमा पर शांति और स्थिरता का असर दोनों देशों के पूरे रिश्ते पर पड़ता है।दूसरी ओर, चीन का रुख रहा है कि सीमा विवाद को दोनों देशों के व्यापक संबंधों से अलग रखा जाना चाहिए। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में इस मुद्दे पर आगे की दिशा तय करने की कोशिश हो सकती है।

व्यापार और तकनीक पर भी चर्चा संभव
भारत की कुछ चिंताएं व्यापार, वीजा और तकनीक से जुड़े मामलों को लेकर भी हैं। भारतीय कारोबारियों के लिए चीन की वीजा नीतियों और कुछ प्रमुख तकनीकों व उपकरणों से जुड़े प्रतिबंधों को लेकर चिंता बनी हुई है।वहीं, चीन के साथ आर्थिक और कारोबारी संबंधों को लेकर भी दोनों देशों के बीच कई मुद्दे हैं। ऐसे में BRICS शिखर सम्मेलन 2026 की बैठक केवल सीमा विवाद तक सीमित रहने के बजाय व्यापक द्विपक्षीय रिश्तों पर भी केंद्रित हो सकती है।

ब्रह्मपुत्र परियोजना भी अहम मुद्दा
चीन की ओर से तिब्बती पठार पर ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपरी हिस्से में बड़े बांध की प्रस्तावित परियोजना भी भारत की चिंता का विषय है। भारत इस परियोजना को लेकर अधिक पारदर्शिता और जानकारी साझा करने की मांग करता रहा है।इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश से जुड़े सीमा मुद्दे भी दोनों देशों के बीच संवेदनशील विषय हैं। ऐसे में शी जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान इन विषयों पर भी दोनों पक्षों के बीच चर्चा की संभावना बनी हुई है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *