बलरामपुर। Nishaanebaz.com-Balrampur DEO Corruption Ramvichar Netam Statement: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव एक बार फिर संगीन वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गए हैं। 4.51 करोड़ रुपये की खरीदी में धांधली और नियमों को दरकिनार करने का मामला सामने आने के बाद अब राज्य के कृषि एवं प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम का बड़ा बयान आया है। मंत्री नेताम ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की उनके जिले में कोई जरूरत नहीं है।
4.57 करोड़ के बजट में 4.51 करोड़ रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान
कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में बलरामपुर शिक्षा विभाग को छह प्रमुख शासकीय योजनाओं के संचालन के लिए करीब 4.57 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इस राशि से स्कूली विद्यार्थियों के लिए साइकिल, विज्ञान व तकनीकी सामग्री, फर्नीचर, स्वच्छता सामग्री, खेल उपकरण और स्टेशनरी की खरीदी की जानी थी। आरोप है कि डीईओ मनीराम यादव ने निविदा और क्रय नियमों को ताक पर रखते हुए 4.51 करोड़ रुपये का अनियमित भुगतान कर दिया।
4 बार निलंबन झेल चुके हैं डीईओ, चुनाव चिह्न विवाद में भी उठे सवाल
डीईओ मनीराम यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। वे अपनी पूर्व पदस्थापनाओं के दौरान 2.42 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी समेत अलग-अलग मामलों में चार बार निलंबन और विभागीय जांच का सामना कर चुके हैं। हाल ही में एक शासकीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर राजनीतिक दल का चुनाव चिह्न छापने को लेकर भी उन पर सवाल उठे थे। डीएमएफ (DMF), सफाई सामग्री और साइकिल वितरण में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचती रही हैं।
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जांच रिपोर्ट प्रदेश स्तर पर पहुंची, मंत्री ने दिए कड़े संकेत
कलेक्टर की प्राथमिक जांच रिपोर्ट अब राज्य शासन और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों तक पहुंच गई है। पूरे मामले पर मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे अधिकारी को जिले में पदस्थ नहीं रहने दिया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शीघ्र ही कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।






