Saturday, September 5, 2026
Home Madhya Pradesh Rewa News: संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत बताया, अगले...

Rewa News: संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मृत बताया, अगले दिन चलने लगी सांसें; इलाज के लिए फिर भर्ती

[nishaanebaz.com] Rewa News: रीवा। रीवा का संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय एक बार फिर चर्चा में है। अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती करीब 80 वर्षीय महिला मरीज को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद अगले दिन उसके जीवित मिलने का मामला सामने आया है। मरीज की सांसें चलती मिलने के बाद उसे दोबारा गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। घटना के सामने आने के बाद अस्पताल की मेडिकल प्रक्रिया और मरीज को मृत घोषित किए जाने के तरीके को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, डॉक्टर इसे बेहद दुर्लभ मेडिकल स्थिति बता रहे हैं।

गंभीर हालत में सीधी से रीवा लाई गई थीं मरीज

जानकारी के अनुसार, सीधी निवासी करीब 80 वर्षीय गिरिजा गुप्ता को गंभीर हालत में रेफर किए जाने के बाद 4 सितंबर को संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा था।इलाज के दौरान जूनियर डॉक्टर ने मरीज का परीक्षण किया। जांच के समय सांसें नहीं चलने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद अस्पताल में मरीज की मृत्यु से संबंधित प्रक्रिया भी पूरी किए जाने की बात सामने आई है।

Rewa News: यूपी से रीवा आ रही नशे की खेप पकड़ी, ब्लैक स्कॉर्पियो से 1320 कफ सिरप जब्त; 2 तस्कर गिरफ्तार

दस्तावेजों में मृत, अगले दिन जीवित मिलीं

मामले में सबसे हैरान करने वाली स्थिति अगले दिन 5 सितंबर को सामने आई। जिस मरीज को एक दिन पहले मृत घोषित किया गया था, उसमें दोबारा सांसें चलती मिलीं।इसके बाद अस्पताल में हड़कंप की स्थिति बन गई। मरीज को तत्काल दोबारा गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती कराया गया और इलाज शुरू किया गया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।

मरीज को मृत घोषित करने की प्रक्रिया पर सवाल

घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि मरीज को मृत घोषित करने से पहले किन चिकित्सकीय मानकों और जांच प्रक्रियाओं का पालन किया गया था।दूसरी ओर, अस्पताल में तैयार किए गए दस्तावेजों में मरीज को मृत बताया गया था। ऐसे में अगले दिन मरीज के जीवित मिलने की घटना ने अस्पताल की मेडिकल प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डॉक्टर बोले- बेहद दुर्लभ स्थिति है

मामले को लेकर डॉक्टर पीके बघेल ने इसे बेहद दुर्लभ मेडिकल स्थिति बताया है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में गंभीर स्थिति वाले बुजुर्ग मरीजों में ऐसी असामान्य परिस्थिति देखने को मिल सकती है।डॉक्टर ने बताया कि देश में इस तरह के कुछ रेयर केस सामने आ चुके हैं। हालांकि, इस मामले में मरीज की वर्तमान स्थिति गंभीर बनी हुई है और उनका उपचार जारी है।

MP News: सीलिंग के विरोध में 7 सितंबर को होशंगाबाद रोड के बाजार बंद, व्यापारी निकालेंगे रैली

अब आगे की प्रक्रिया पर रहेगी नजर

मरीज के जीवित मिलने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल मरीज गंभीर रोगी वार्ड में भर्ती हैं और डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।यह मामला सामने आने के बाद यह भी महत्वपूर्ण हो गया है कि अस्पताल में किसी मरीज को मृत घोषित करने से पहले अपनाई जाने वाली चिकित्सकीय प्रक्रिया कितनी सख्ती से लागू की जाती है। मामले से जुड़े सभी तथ्यों के स्पष्ट होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि मरीज को मृत घोषित करने के पीछे वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति क्या थी।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here