Friday, September 4, 2026
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Gopal Mandir Jewellery: 120 करोड़ के बेशकीमती गहनों से होगा राधा-कृष्ण का श्रृंगार, जन्माष्टमी पर राजसी अंदाज में सजेगा ग्वालियर का गोपाल मंदिर

 [nishaanebaz.com] Gopal Mandir Jewellery: ग्वालियर/भोपाल। जन्माष्टमी के मौके पर मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का रंग देखने को मिल रहा है। ग्वालियर के ऐतिहासिक गोपाल मंदिर में इस बार जन्माष्टमी का उत्सव बेहद खास होने जा रहा है। 4 सितंबर को भगवान राधा-कृष्ण का श्रृंगार 120 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के बेशकीमती आभूषणों से किया जाएगा। सोने-चांदी के साथ ही हीरे, पन्ने, मोती और अन्य कीमती रत्नों से सजे इन दुर्लभ आभूषणों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

वहीं भोपाल में भी जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए और मटकी फोड़ कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए खुद मटकी फोड़ी।

सेंट्रल बैंक के लॉकर से निकाले जाएंगे करोड़ों के आभूषण

जन्माष्टमी के दिन सुबह करीब 10 बजे गोपाल मंदिर के बेशकीमती आभूषणों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के लॉकर से निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए नगर निगम आयुक्त द्वारा गठित समिति बैंक पहुंचेगी और निर्धारित प्रक्रिया के तहत लॉकर खोला जाएगा।लॉकर से आभूषण बाहर निकालने के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गोपाल मंदिर लाया जाएगा। मंदिर पहुंचने पर इन आभूषणों की सफाई की जाएगी और इसके बाद भगवान राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार किया जाएगा।

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इन आभूषणों को साल में केवल विशेष धार्मिक अवसरों पर ही लॉकर से बाहर निकाला जाता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी के दिन भगवान के इस अनोखे श्रृंगार को देखने के लिए श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है।

डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

गोपाल मंदिर में बेशकीमती आभूषणों से होने वाले भगवान राधा-कृष्ण के श्रृंगार के दर्शन के लिए इस बार करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को विशेष रूप से व्यवस्थित किया जाएगा। पुलिस बल की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से पूरे परिसर पर निगरानी रखी जाएगी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे, जबकि मंदिर में लगाए जाने वाले एलईडी स्क्रीन के जरिए भगवान के दर्शन का लाइव प्रसारण भी किया जाएगा।

62 मोती और 55 पन्नों वाला हार सबसे खास

भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार में सोने का मुकुट प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें पुखराज, माणिक और पन्ना जैसे कीमती रत्न जड़े हुए हैं। वहीं राधारानी का करीब तीन तोला वजन वाला रत्नजड़ित मुकुट भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।इन आभूषणों में सात लड़ियों वाला एक बेहद खास हार भी शामिल है। इसमें 62 असली मोती और 55 पन्ने जड़े बताए जाते हैं। इस हार की कीमत करीब 35 करोड़ रुपये बताई गई है।

इसके अलावा रत्नजड़ित मुकुट की कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये, जबकि सोने के मुकुट की कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है। सोने और अन्य कीमती धातुओं के साथ इन आभूषणों में इस्तेमाल किए गए रत्न इनकी कीमत और भव्यता को और बढ़ाते हैं।

फूल बंगला, रंगोली और रोशनी से जगमगाएगा मंदिर

जन्माष्टमी के अवसर पर गोपाल मंदिर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर में विशेष फूल बंगला और रंगोली तैयार की जाएगी। जन्माष्टमी के दिन मंदिर का पूरा परिसर भव्य सजावट से जगमगाता नजर आएगा।दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन आसानी से हो सकें, इसके लिए एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी। इन स्क्रीन पर मंदिर में होने वाले विशेष श्रृंगार और दर्शन का लाइव प्रसारण किया जाएगा।भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा। सीसीटीवी के जरिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी।

1843 में महारानी बैजाबाई ने कराया था मंदिर का निर्माण

ग्वालियर का गोपाल मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्व के लिए भी जाना जाता है। मंदिर का निर्माण सिंधिया राजवंश की महारानी बैजाबाई ने वर्ष 1843 में कराया था।मंदिर की वास्तुकला में मराठा शैली के साथ यूरोपीय स्थापत्य का प्रभाव भी दिखाई देता है। सफेद संगमरमर से बने इस मंदिर के गर्भगृह में चांदी से मढ़े दरवाजे इसकी भव्यता को और बढ़ाते हैं।मंदिर में सुरक्षित रखे भगवान राधा-कृष्ण के दुर्लभ आभूषण इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल हैं। विशेष अवसरों पर इन्हें बाहर निकालकर भगवान का श्रृंगार किया जाता है।

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भोपाल में CM मोहन यादव ने फोड़ी मटकी

जन्माष्टमी का उत्सव केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं रहा। राजधानी भोपाल में भी कृष्ण जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों और विभिन्न स्थानों पर धार्मिक आयोजन किए गए।मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ‘श्रीकृष्ण पर्व’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। यहां आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम में उन्होंने भी हिस्सा लिया और मटकी फोड़ी।जन्माष्टमी के अवसर पर भोपाल के कृष्ण मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण का विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

राजसी आभा में नजर आएंगे राधा-कृष्ण

ग्वालियर में जन्माष्टमी पर होने वाला यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक विरासत का भी खास संगम होगा। करोड़ों रुपये के दुर्लभ आभूषणों से भगवान राधा-कृष्ण का श्रृंगार साल में विशेष अवसर पर ही किया जाता है।

इसलिए श्रद्धालुओं के लिए यह केवल दर्शन का अवसर नहीं, बल्कि ग्वालियर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का मौका भी होगा। मंदिर की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और लाइव दर्शन की सुविधा के साथ इस बार बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

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