GMC Eye Department Controversy: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गांधी मेडिकल कॉलेज (GMC) के Eye Department से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां फाइनल ईयर के छात्र मोहम्मद यासिर ने कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश की। घटना के बाद कॉलेज में हड़कंप की स्थिति बन गई और छात्र को इलाज के लिए सायकेट्री विभाग में भर्ती कराया गया।GMC Eye Department विवाद सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। छात्रों की ओर से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
मोहम्मद यासिर ने विभाग की HOD डॉ. कविता कुमार पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। छात्र के अनुसार वह लंबे समय से विभाग में दबाव और परेशानी का सामना कर रहा था।GMC Eye Department विवाद में सामने आए आरोपों के मुताबिक छात्र का कहना है कि उसकी थीसिस रोकने और परीक्षा में बैठने से रोकने का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
थीसिस को लेकर भी उठे सवाल
मेडिकल PG की पढ़ाई में थीसिस और परीक्षा बेहद अहम होती है। ऐसे में किसी छात्र की थीसिस रोकने या परीक्षा से जुड़े दबाव की शिकायत गंभीर मानी जा रही है।GMC Eye Department विवाद के बीच छात्रों का आरोप है कि विभाग में पहले भी PG छात्रों को थीसिस और दूसरी शैक्षणिक प्रक्रियाओं को लेकर परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन पुराने आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
कई छात्रों के परेशान होने का दावा
मामले को लेकर छात्रों की ओर से यह भी दावा किया गया है कि पिछले कुछ वर्षों में कई PG छात्र विभाग छोड़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि करीब 5 से 8 साल की अवधि में 5-6 PG छात्रों के विभाग छोड़ने की बात सामने आई है।हालांकि इन छात्रों के विभाग छोड़ने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए GMC Eye Department विवाद में इस पहलू की भी जांच जरूरी मानी जा रही है कि छात्रों के विभाग छोड़ने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
पद के दुरुपयोग के भी आरोप
छात्रों की ओर से HOD पर कथित तौर पर तानाशाही रवैया अपनाने और पद का गलत इस्तेमाल करने के आरोप भी लगाए गए हैं। छात्रों का कहना है कि विभाग में फैसलों को लेकर डर का माहौल बना हुआ है।GMC Eye Department विवाद के बीच इन आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। फिलहाल किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य मानना जल्दबाजी होगी।
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आत्महत्या की कोशिश के बाद सायकेट्री विभाग में भर्ती
छात्र द्वारा आत्महत्या की कोशिश किए जाने के बाद उसे सायकेट्री विभाग में भर्ती कराया गया। घटना ने कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच चिंता बढ़ा दी है।GMC Eye Department विवाद अब केवल एक छात्र की शिकायत तक सीमित नहीं रह गया है। छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी स्तर पर मानसिक दबाव या नियमों का गलत इस्तेमाल साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
पुरानी शिकायतों की जांच की मांग
छात्रों का कहना है कि यदि पहले भी PG छात्रों की थीसिस रोकने या उन्हें परेशान करने जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं, तो उन मामलों की भी जांच होनी चाहिए।GMC Eye Department विवाद में छात्रों की मांग है कि कॉलेज प्रशासन केवल मौजूदा घटना की जांच तक सीमित न रहे, बल्कि विभाग में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सामने आई शिकायतों और छात्रों के विभाग छोड़ने के मामलों की भी जानकारी जुटाए।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की आधिकारिक जांच और संबंधित पक्षों का जवाब महत्वपूर्ण होगा। HOD की ओर से इन आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है, यह भी मामले में अहम रहेगा।GMC Eye Department विवाद को लेकर छात्रों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। अब कॉलेज प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।





