[nishaanebaz.com] MP News:भारतेन्द्र सिंह बैंस \अशोकनगर। जातिगत आरक्षण, एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी से जुड़े कानूनों के विरोध में अशोकनगर में बुधवार को सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान समाज के नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाने वाले नेताओं के विरोध में यह प्रतीकात्मक कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शनकारी रैली के रूप में सुभाषगंज स्थित रामलीला मंच से कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कलेक्टर द्वारा ज्ञापन लेने के लिए मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने राजमाता चौराहे पर करीब तीन घंटे तक चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते शहर में यातायात प्रभावित रहा और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रामलीला मंच से निकाली गई प्रतीकात्मक अर्थियां
प्रदर्शन की शुरुआत सुभाषगंज स्थित रामलीला मंच से हुई। यहां समाज के लोगों ने जातिगत आरक्षण, एससी-एसटी एक्ट और यूजीसी कानून सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।इसके बाद प्रदर्शनकारी केंद्र और राज्य सरकार के विरोध में प्रतीकात्मक अर्थियां लेकर कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शनकारियों ने इसे अपने अधिकारों और मांगों को लेकर सांकेतिक विरोध बताया।
सवर्ण नेताओं की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज के कुछ नेताओं की भी प्रतीकात्मक अर्थी निकाली गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अलग-अलग वर्गों के नेता अपने समाज के मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाते हैं, लेकिन सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर कथित तौर पर चुप्पी साधे हुए हैं।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतीकात्मक अर्थी निकालने का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का अपमान करना नहीं, बल्कि समाज के मुद्दों पर नेताओं का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना था कि इस प्रदर्शन के जरिए नेताओं को अपनी जिम्मेदारी निभाने और सवर्ण समाज की मांगों को उठाने का संदेश दिया गया है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर की ज्ञापन देने की कोशिश
रैली के रूप में प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन देने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, कलेक्टर के ज्ञापन लेने के लिए मौके पर नहीं आने से नाराजगी बढ़ गई।बताया गया कि कलेक्टर ने ज्ञापन लेने के लिए अपने प्रतिनिधि के तौर पर अनुविभागीय अधिकारी, अशोकनगर को भेजा। हालांकि प्रदर्शनकारी कलेक्टर से ही ज्ञापन लेने की मांग पर अड़े रहे।
अशोकनगर में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, नेताओं की निकाली प्रतीकात्मक अर्थी; कलेक्टर को ज्ञापन नहीं देने पर राजमाता चौराहे पर चक्काजाम #AshoknagarNews #SavarnaSamajProtest #ReservationProtest #RajmataChowk pic.twitter.com/zABdgkuruC
— Nishaanebaz.com (@nishaanebaz_com) September 2, 2026
राजमाता चौराहे पर करीब तीन घंटे चक्काजाम
कलेक्टर के ज्ञापन लेने के लिए मौके पर नहीं पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राजमाता चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। बताया गया कि करीब तीन घंटे तक यातायात बाधित रहा।चक्काजाम के कारण शहर के लोगों और अन्य राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर वाहनों की कतारें लगने की स्थिति भी बनी। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे।
कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान गूंजी हनुमान चालीसा
प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास धार्मिक पाठ और नारेबाजी भी की गई। प्रदर्शनकारियों की ओर से हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किए जाने की बात सामने आई है।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन अपनी मांगों को लेकर है और वे शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक अपनी बात पहुंचाना चाहते हैं।
यूजीसी कानून और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग
प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों में बदलाव/रोलबैक और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग उठाई। इसके अलावा जातिगत आरक्षण व्यवस्था और एससी-एसटी एक्ट को लेकर भी विरोध जताया गया।उनका कहना है कि आरक्षण व्यवस्था में आर्थिक आधार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और सवर्ण समाज से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
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बड़े आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक आंदोलन किया जा सकता है।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने यह भी दावा किया कि सवर्ण समाज के मुद्दों को नजरअंदाज करने का असर आगामी चुनावों में देखने को मिल सकता है। हालांकि इस संबंध में कोई राजनीतिक दल की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।फिलहाल अशोकनगर में प्रतीकात्मक अर्थी निकालने और राजमाता चौराहे पर करीब तीन घंटे तक हुए चक्काजाम का मामला चर्चा में है। पुलिस और प्रशासन द्वारा प्रदर्शन से जुड़े घटनाक्रम और यातायात व्यवस्था की स्थिति पर नजर रखी गई।





