Sunday, August 23, 2026
Home Chhattisgarh CG Blue Water Accident: 77 घंटे की तलाश के बाद पानी में...

CG Blue Water Accident: 77 घंटे की तलाश के बाद पानी में मिला आदिल का शव! मच गया हड़कंप, पसरा मातम

CG Blue Water Accident: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- रायपुर के नकटी गांव स्थित ब्लू वाटर खदान में डूबे 24 वर्षीय आदिल खान की तलाश आखिरकार करीब 77 घंटे बाद खत्म हुई। शनिवार देर रात उसका शव अचानक पानी की सतह पर दिखाई दिया।शव नजर आते ही मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीम ने उसे पानी से बाहर निकाला। आदिल के डूबने के बाद से उसके परिजन लगातार मौके पर मौजूद थे और उसके मिलने का इंतजार कर रहे थे। शव मिलने के बाद परिवार में मातम पसर गया।

आदिल की तलाश के लिए पहले SDRF की टीम को लगाया गया था। इसके बाद NDRF की टीम ने भी सर्च ऑपरेशन संभाला। दोनों टीमों ने कई संभावित जगहों पर गहरे पानी के अंदर जाकर तलाश की।ब्लू वाटर खदान हादसा इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि खदान काफी गहरी है और पानी के अंदर तापमान कम होने से गोताखोरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।कई घंटे तक लगातार सर्च करने के बावजूद आदिल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद भी रेस्क्यू टीमों ने तलाश बंद नहीं की।

इंडियन नेवी से भी मांगी गई थी मदद
लगातार तलाश के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर प्रशासन ने इंडियन नेवी से भी सहायता मांगी थी। जानकारी के मुताबिक नेवी के ईस्टर्न कमांड की विशेष टीम को रायपुर पहुंचना था।हालांकि, नेवी की टीम पहुंचने से पहले ही शनिवार देर रात आदिल का शव पानी की सतह पर मिल गया। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने शव को बाहर निकाला।

दोस्तों के साथ लगी थी तैरने की शर्त
जानकारी के मुताबिक आदिल 19 अगस्त की शाम तीन दोस्तों के साथ ब्लू वाटर खदान घूमने पहुंचा था। इसी दौरान दोस्तों के बीच पानी के एक छोर से दूसरे छोर तक तैरकर जाने की शर्त लगी।बताया गया कि आदिल और उसका एक दोस्त पानी में उतरे। तैरते हुए आदिल धीरे-धीरे खदान के गहरे हिस्से की तरफ चला गया और इसी दौरान पानी में डूब गया।इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें आदिल के पानी में जाने की घटना दिखाई देने की बात कही गई है।
Read more: CG Weather Today: छत्तीसगढ़ में जमकर बरसेंगे बादल! 5 दिन बारिश का अलर्ट, इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

SDRF के बाद NDRF ने संभाला मोर्चा
हादसे की सूचना मिलने के बाद माना थाना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद सर्च ऑपरेशन में NDRF को भी शामिल किया गया।गोताखोरों ने पानी के अंदर कई संभावित स्थानों पर तलाश की। लेकिन गहराई और कम तापमान के कारण ऑपरेशन आसान नहीं था। करीब तीन दिनों तक लगातार कोशिशों के बावजूद आदिल का पता नहीं चल पाया।फिर करीब 77 घंटे बाद उसका शव पानी की सतह पर आ गया।

ब्लू वाटर खदान में पहले भी हो चुके हैं हादसे
आदिल की मौत के बाद ब्लू वाटर खदान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले करीब 9 वर्षों में इस क्षेत्र में 10 लोगों की जान जा चुकी है।इसके बावजूद लोग यहां पहुंचते हैं और गहरे पानी में उतरने की कोशिश करते हैं। यह स्थिति प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बन गई है।

फेंसिंग और प्रतिबंध की जरूरत पर जोर
प्रशासन की ओर से ब्लू वाटर क्षेत्र में लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित करने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की बात कही गई है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने भी क्षेत्र को प्रतिबंधित करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी दी है।CG Blue Water Accident ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि खतरनाक और गहरी खदानों वाले इलाकों में लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम कितने मजबूत हैं।आदिल की मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। वहीं इस घटना के बाद अब उम्मीद है कि ब्लू वाटर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और सख्त कदम उठाएगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here