Harda School Fire: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- हरदा जिले के टिमरनी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्राथमिक शाला खुदिया में अचानक आग लग गई। स्कूल में उस समय करीब 265 बच्चे मौजूद थे। सबसे ज्यादा चिंता उस हिस्से को लेकर थी, जहां आग के बीच एक गैस सिलेंडर भी मौजूद था।आग और तेज गर्मी की चपेट में आने के कारण सिलेंडर के फटने की आशंका थी। अगर ऐसा होता तो स्कूल में मौजूद बच्चों और आसपास के लोगों के लिए हालात बेहद खतरनाक हो सकते थे।
घटना की जानकारी मिलते ही टिमरनी विधायक अभिजीत शाह मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता देखते हुए उन्होंने खुद आग और धुएं के बीच स्कूल के अंदर जाने का फैसला किया।हरदा स्कूल में आग के दौरान सबसे बड़ा खतरा गैस सिलेंडर को लेकर था। विधायक ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना सिलेंडर को आग वाले हिस्से से बाहर निकालने की कोशिश शुरू कर दी।बताया गया कि उन्होंने सिलेंडर को वहां से खींचकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इससे आग के बीच सिलेंडर के फटने का बड़ा खतरा काफी हद तक टल गया।
गैस सिलेंडर बाहर आते ही टला बड़ा खतरा
सिलेंडर को आग की चपेट से बाहर निकालना इस घटना में सबसे अहम कदम साबित हुआ। इसके बाद आग पर काबू पाने की कोशिश तेज की गई।अग्निशामक यंत्र और पानी की मदद से आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। अगर सिलेंडर कुछ और समय तक आग और गर्मी की चपेट में रहता और उसमें विस्फोट हो जाता, तो नुकसान काफी बड़ा हो सकता था।
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265 बच्चे सुरक्षित, परिवारों ने ली राहत की सांस
घटना के दौरान स्कूल में मौजूद करीब 265 बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता थी। आग की जानकारी फैलते ही स्कूल और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बन गया।बाद में सभी बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आने पर अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया।
‘उस समय सिर्फ बच्चों को बचाना था’
घटना के बाद विधायक अभिजीत शाह ने अपने कदम को लेकर कहा कि उस समय उन्होंने यह नहीं सोचा कि उनके साथ क्या हो सकता है। उनके सामने स्कूल के बच्चे थे और उनका ध्यान सिर्फ बच्चों की सुरक्षा पर था।उनका कहना था कि उस समय एक ही बात दिमाग में थी कि किसी भी बच्चे को कुछ नहीं होना चाहिए।
संकट के समय सामने आई जिम्मेदारी
टिमरनी की प्राथमिक शाला खुदिया में हुई यह घटना कुछ देर के लिए बेहद डरावनी स्थिति में बदल गई थी। आग, धुआं और उसके बीच रखा गैस सिलेंडर किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता था।लेकिन समय रहते सिलेंडर को बाहर निकालने और आग पर काबू पाने की कोशिश से बड़ा नुकसान टल गया। Harda School Fire की यह घटना स्कूलों में आग से सुरक्षा और गैस सिलेंडर की सुरक्षित व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े करती है।फिलहाल सबसे राहत की बात यही रही कि स्कूल में मौजूद 265 बच्चे सुरक्षित रहे और संभावित बड़ी दुर्घटना होने से पहले खतरे को टाल दिया गया।





