[Nishaanebaz News] MP News: सिंगरौली। एनसीएल अमलोरी परियोजना में कार्यरत बीआईपीएल-बीपीएल बघेल ज्वाइंट वेंचर की कार्यप्रणाली को लेकर श्रमिकों के अधिकार और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल सामने आए हैं। सिंगरौली श्रमिक संगठन (SSS) ने कंपनी के खिलाफ एनसीएल अमलोरी के महाप्रबंधक को लिखित शिकायत देकर कई बिंदुओं पर जांच की मांग की है।
श्रमिक संगठन ने वर्ष 2020 से जुलाई 2026 के बीच करीब 100 श्रमिकों को काम से बाहर किए जाने, बोनस और ग्रेच्युटी जैसे वैधानिक लाभों में कथित अनियमितता, सुरक्षा उपकरणों की कमी, गेट पास और वेतन संबंधी विसंगतियों सहित कई आरोप लगाए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों तथा जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
छह साल में करीब 100 श्रमिकों को हटाने का दावा
श्रमिक संगठन का दावा है कि वर्ष 2020 से जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग पदों पर काम कर रहे करीब 100 श्रमिकों को सेवा से बाहर कर दिया गया। संगठन का आरोप है कि कुछ मामलों में श्रमिकों को पर्याप्त पूर्व सूचना नहीं दी गई और निर्धारित प्रक्रिया का पालन भी नहीं किया गया।शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित श्रमिकों के सेवा रिकॉर्ड की जांच की जाए और यह देखा जाए कि सेवा समाप्त करने के दौरान निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
बोनस, ग्रेच्युटी और अर्जित अवकाश को लेकर सवाल
संगठन ने बोनस, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश सहित अन्य वैधानिक लाभों के भुगतान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। शिकायत के अनुसार, कुछ श्रमिकों को इन लाभों को लेकर कथित तौर पर परेशानी का सामना करना पड़ा।इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वेतन रजिस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, भुगतान विवरण, अवकाश रिकॉर्ड और कर्मचारियों से जुड़े सेवा दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि श्रमिकों को निर्धारित लाभ मिले हैं या कोई भुगतान लंबित है।
कोयला खदान में सुरक्षा उपकरणों की कमी का आरोप
श्रमिक संगठन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई है। आरोप है कि कुछ श्रमिकों को हेलमेट, सेफ्टी शू, रिफ्लेक्टिव जैकेट और दस्ताने जैसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए।कोयला खदान और उससे जुड़े कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में यदि सुरक्षा उपकरणों की कमी का आरोप सही पाया जाता है तो यह गंभीर मामला हो सकता है। जांच में यह भी देखा जाना जरूरी है कि आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
गेट पास और वेतन कटौती को लेकर भी शिकायत
सिंगरौली श्रमिक संगठन ने गेट पास के नवीनीकरण और वेतन कटौती को लेकर भी शिकायत की है। संगठन का आरोप है कि गेट पास की प्रक्रिया में बार-बार बदलाव या कम अवधि के पास जारी होने से श्रमिकों में नौकरी को लेकर असुरक्षा की स्थिति बनती है।संगठन ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों को वेतन संबंधी विसंगतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन शिकायतों की पुष्टि संबंधित अनुबंध, वेतन दर और भुगतान रिकॉर्ड की जांच से की जा सकती है।
राष्ट्रीय अवकाश में काम और भुगतान पर सवाल
शिकायत में राष्ट्रीय अवकाश के दिनों में श्रमिकों से काम कराने और उसके बदले नियमानुसार भुगतान नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों के बी-फॉर्म में बार-बार बदलाव किए जाने की बात भी सामने रखी गई है।इन आरोपों की जांच के लिए उपस्थिति रजिस्टर, वेतन रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया जाना जरूरी है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अलग-अलग पदों के वेतन में अंतर का दावा
श्रमिक संगठन ने हेल्पर, सुपरवाइजर, वॉटर टैंकर चालक, कैंपर चालक, पीसी ऑपरेटर और बोलेरो चालक जैसे विभिन्न पदों पर वेतन को लेकर भी सवाल उठाए हैं।संगठन का दावा है कि समान कार्य करने वाले श्रमिकों को अपेक्षित वेतन नहीं मिल रहा है। ऐसे में संबंधित पदों के अनुबंध, निर्धारित वेतन दर और वास्तविक भुगतान का तुलनात्मक परीक्षण करने से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
एनसीएल की निगरानी व्यवस्था पर भी उठे सवाल
बघेल ज्वाइंट वेंचर को लेकर सामने आई शिकायतों ने केवल कंपनी की कार्यप्रणाली ही नहीं, बल्कि एनसीएल की आउटसोर्सिंग व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं।श्रमिक संगठन ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारी तय करने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। कंपनी और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।





