[Nishaanebaz News] Bhopal-Indore Routet: भोपाल। भोपाल से इंदौर, देवास, उज्जैन और सीहोर की ओर यात्रा करने वाले लोगों के लिए जरूरी खबर है। कुबेरेश्वर धाम तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा के चलते भोपाल-इंदौर हाईवे पर तीन दिनों तक यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से 25 अगस्त की रात 12 बजे तक भारी और छोटे वाहनों को अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
ट्रैफिक डायवर्जन के कारण छोटे वाहनों को करीब 9 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है, जबकि भारी वाहनों को लगभग 80 किलोमीटर तक लंबा रास्ता अपनाना होगा। ऐसे में यात्रियों को घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी लेने और अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
कांवड़ यात्रा के चलते बदली ट्रैफिक व्यवस्था
जानकारी के अनुसार, कांवड़ यात्रा सीवन तट से कुबेरेश्वर धाम तक निकलेगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए डायवर्जन प्लान तैयार किया है।इस दौरान भोपाल-इंदौर हाईवे से गुजरने वाले कई वाहनों को मुख्य मार्ग की बजाय वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा।
भारी वाहनों के लिए यह रहेगा रूट
भोपाल और इंदौर के बीच चलने वाले भारी वाहनों को मुबारकपुर जोड़ और तुमड़ा जोड़ से श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी के रास्ते भेजा जाएगा। वापसी के दौरान भी भारी वाहनों को इसी वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करना होगा।वहीं कन्नौद और खातेगांव की ओर से आने वाले वाहनों को आष्टा, शुजालपुर, पचोर और ब्यावरा होते हुए अपने गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।
छोटे वाहन इस रास्ते से पहुंचेंगे इंदौर
भोपाल से आष्टा, देवास, उज्जैन और इंदौर जाने वाली कार, बस और अन्य छोटे वाहन सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा होते हुए आष्टा-इंदौर मार्ग पर पहुंच सकेंगे।इसी तरह इंदौर, देवास और उज्जैन से भोपाल आने वाले छोटे वाहनों को आष्टा से अमलाहा और भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए न्यू क्रिसेंट चौराहा की ओर भेजा जाएगा।
यात्रियों को पहले से करनी होगी यात्रा की तैयारी
तीन दिनों तक लागू रहने वाले इस ट्रैफिक डायवर्जन के कारण भोपाल-इंदौर मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर निकलना होगा।प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का पालन करें और यात्रा के दौरान यातायात पुलिस के निर्देशों का सहयोग करें, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आम यात्रियों दोनों की आवाजाही सुरक्षित और सुचारू बनी रहे।





