[Nishaanebaz News] Indore Crime: इंदौर। शहर में ऑनलाइन टीवी और स्पोर्ट्स कंटेंट दिखाने वाले एक एप को लेकर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई के तहत ‘जीफ्लिक्स’ एप के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि एप के जरिए बिना जरूरी लाइसेंस के जियो स्टार से जुड़े कंटेंट को स्ट्रीम किया जा रहा था और इसके बदले यूजर्स से पैसे लिए जा रहे थे।
1000 से ज्यादा चैनल दिखाने का दावा
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि ‘जीफ्लिक्स’ एप पर कथित तौर पर 1000 से ज्यादा टीवी चैनल उपलब्ध कराए जा रहे थे। इनमें 50 से ज्यादा स्पोर्ट्स चैनल भी शामिल बताए गए हैं। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतने बड़े स्तर पर कंटेंट उपलब्ध कराने के पीछे कौन लोग काम कर रहे थे।पुलिस के मुताबिक एप पर प्रीमियम कंटेंट के लिए अलग-अलग सदस्यता प्लान भी उपलब्ध थे। यूजर्स से कथित तौर पर 149 रुपये और 799 रुपये तक की सदस्यता फीस ली जा रही थी।
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क्राइम ब्रांच ने खुद खरीदी सदस्यता
इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने केवल ऑनलाइन जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि खुद एप की सदस्यता लेकर इसकी जांच की। क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑनलाइन भुगतान किया और इसके बाद प्रीमियम कंटेंट का एक्सेस हासिल किया। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई में यह जांच का एक अहम हिस्सा माना जा रहा है।सदस्यता लेने के बाद पुलिस टीम ने एप पर उपलब्ध कंटेंट और उसकी स्ट्रीमिंग व्यवस्था की जांच की। पुलिस का आरोप है कि बिना लाइसेंस कंटेंट दिखाकर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।
जियो स्टार की शिकायत के बाद दर्ज हुआ केस
बताया गया है कि जियो स्टार की शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की। शिकायत में कंटेंट की कथित अवैध स्ट्रीमिंग को लेकर आपत्ति जताई गई थी। इसके बाद पुलिस ने एप की कार्यप्रणाली और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई अब इसी जांच का हिस्सा है।पुलिस यह भी जांच कर रही है कि एप पर उपलब्ध कंटेंट कहां से लिया जा रहा था और उसे यूजर्स तक किस तकनीकी तरीके से पहुंचाया जा रहा था। इसके अलावा सदस्यता से होने वाली कमाई और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।
सिलिकॉन सिटी के पते पर मिला रजिस्ट्रेशन
जांच के दौरान पुलिस को एप से जुड़े डोमेन का रजिस्ट्रेशन इंदौर की सिलिकॉन सिटी के एक पते पर मिला। डोमेन कथित तौर पर शिवलाल नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड बताया गया है। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई में पुलिस अब इस रजिस्ट्रेशन से जुड़े व्यक्ति और अन्य संभावित संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है।पुलिस टीम जब बताए गए पते पर जांच के लिए पहुंची तो वहां कोई व्यक्ति नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े दूसरे रिकॉर्ड और डिजिटल जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू की है।
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बिना लाइसेंस कंटेंट दिखाने का आरोप
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, प्राथमिक जांच में आरोप है कि एप पर बिना अधिकार या लाइसेंस के प्रीमियम कंटेंट उपलब्ध कराया जा रहा था। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो मामले में कॉपीराइट और अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे कार्रवाई हो सकती है। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई में फिलहाल पुलिस आरोपों से जुड़े डिजिटल और वित्तीय सबूतों की जांच कर रही है।मामले में एप के संचालकों और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एप का संचालन कहां से किया जा रहा था और इसके पीछे कितने लोग शामिल थे।
पुलिस की जांच से सामने आएगा पूरा नेटवर्क
फिलहाल ‘जीफ्लिक्स’ एप से जुड़े लोगों पर केस दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ रही है। पुलिस ऑनलाइन भुगतान, डोमेन रजिस्ट्रेशन, एप के तकनीकी रिकॉर्ड और कंटेंट की उपलब्धता जैसे पहलुओं की जांच करेगी। इंदौर अवैध स्ट्रीमिंग एप कार्रवाई के बाद अब यह देखना अहम होगा कि जांच में एप के पीछे चल रहे पूरे नेटवर्क से जुड़े और कौन से तथ्य सामने आते हैं।





