[Nishaanebaz News] MP News: छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गांव की बुनियादी सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ विरोध अब पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। पुलिया निर्माण और 24 घंटे बिजली की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामला गरमा गया है। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूली बच्चों को साथ लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और केस वापस लेने की मांग की।
मांगों के लिए निकले थे, लेकिन दर्ज हो गया केस
मामला टटम मार्ग से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में लंबे समय से पुलिया निर्माण की जरूरत है। बारिश के दौरान रास्ते की स्थिति खराब होने से लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। इसी के साथ गांव में बिजली की समस्या भी बनी रहती है। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR के बाद अब ग्रामीणों का कहना है कि अपनी समस्याएं उठाना उनके लिए परेशानी का कारण बन गया है।मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ 15 अगस्त को प्रदर्शन किया था। ग्रामीण इसे अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर शांतिपूर्ण विरोध बता रहे हैं। लेकिन प्रदर्शन के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ BNS की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।
MP News: झाबुआ में किसानों का बड़ा आंदोलन, कलेक्ट्रेट में रातभर धरना… दाल-बाटी बनाकर दिया ये संदेश!
FIR की खबर मिलते ही गांव में मचा हड़कंप
ग्रामीणों को जब केस दर्ज होने की जानकारी मिली तो गांव में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में बच्चों को साथ लेकर छतरपुर एसपी कार्यालय पहुंचे। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR के मामले में ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और कार्रवाई वापस लेने की मांग की।ग्रामीणों का कहना है कि उनका प्रदर्शन किसी विवाद या हिंसा के लिए नहीं था। वे सिर्फ पुलिया बनाने और बिजली की व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि बारिश के समय पुलिया नहीं होने से टटम मार्ग पर आवागमन प्रभावित होता है।
बच्चों की पढ़ाई का भी दिया हवाला
ग्रामीणों ने बिजली की समस्या को लेकर भी अपनी परेशानी बताई। उनका कहना है कि बिजली की बार-बार आंख-मिचौली के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। ऐसे में गांव के लोगों ने प्रशासन से नियमित बिजली आपूर्ति और पुलिया निर्माण की मांग रखी थी। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR के बाद अब यही सवाल उठ रहा है कि मांगों के समाधान की जगह मामला पुलिस तक क्यों पहुंचा।एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने अधिकारियों से कहा कि अगर उनकी समस्याओं पर समय रहते ध्यान दिया जाता तो प्रदर्शन की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने दर्ज FIR को रद्द करने की मांग भी रखी।
ग्रामीणों ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर FIR वापस नहीं ली गई और उनकी मूल समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।उनके मुताबिक, पुलिया निर्माण सिर्फ गांव के लोगों की सुविधा का मामला नहीं है, बल्कि बारिश के मौसम में सुरक्षित आवागमन से भी जुड़ा है। वहीं बिजली की समस्या बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के काम को प्रभावित कर रही है।
ASP ने बताया क्यों दर्ज की गई FIR
वहीं पुलिस की ओर से मामले में अलग पक्ष सामने आया है। एडिशनल एसपी आदित्य पटले ने बताया कि ग्रामीणों ने 15 अगस्त को बिना अनुमति प्रदर्शन किया था। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन रात करीब 10 बजे तक चला। इसी वजह से संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई की गई। छतरपुर ग्रामीणों पर FIR को लेकर पुलिस ने इसे अनुमति के बिना किए गए प्रदर्शन से जुड़ी कार्रवाई बताया है।अब ग्रामीणों की मांग है कि उनकी स्थिति और प्रदर्शन की परिस्थितियों को देखते हुए FIR वापस ली जाए। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि कार्रवाई नियमों के आधार पर की गई है। ऐसे में मामला अब प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत से किस दिशा में जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





