[Nishaanebaz News] Jabalpur News: जबलपुर। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं और विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद की है। प्रांतीय आह्वान पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ जिला शाखा जबलपुर के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेने की अपील की है।
संघ के जिलाध्यक्ष नितिन अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों के वेतन, महंगाई भत्ता, पदोन्नति, स्वास्थ्य सुविधा और ई-अटेंडेंस सहित कई मुद्दे शामिल किए गए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि शासन को कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर राहत प्रदान करनी चाहिए।
1 जनवरी से 2% महंगाई भत्ते की मांग
कर्मचारी संघ ने कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भी 1 जनवरी से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत जारी करने की मांग की है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों को अखिल भारतीय सेवाओं के अनुरूप महंगाई भत्ते का लाभ दिया जाना चाहिए और इसके लिए जल्द आदेश जारी किए जाएं।
जबलपुर में तृतीय वर्ग कर्मचारियों ने उठाई मांगें, 2% DA से लेकर #JabalpurEmployees #2PercentDA #EmployeeDemands pic.twitter.com/M0JKzzAzhj
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70-80-90 प्रतिशत वेतन नियम खत्म करने की मांग
ज्ञापन में नवनियुक्त कर्मचारियों के वेतन निर्धारण से जुड़े 70%, 80% और 90% वेतन के नियम को समाप्त करने की मांग भी की गई है। संघ ने उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए नए कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिए जाने की मांग रखी।कर्मचारी नेताओं के अनुसार, नवनियुक्त कर्मचारियों को शुरुआती वर्षों में कम वेतन मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में वेतन निर्धारण की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
अनुकंपा नियुक्ति और पदोन्नति में CPCT की अनिवार्यता खत्म हो
संघ ने अनुकंपा नियुक्ति और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में CPCT की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि इस अनिवार्यता के कारण पात्र कर्मचारियों और आश्रितों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस इलाज की मांग
ज्ञापन में कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की मांग भी की गई। संघ का कहना है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए ऐसी स्वास्थ्य योजना जरूरी है।
ई-अटेंडेंस व्यवस्था पूरी तरह खत्म करने की मांग
कर्मचारी संघ ने ई-अटेंडेंस प्रणाली को पूर्ण रूप से समाप्त करने की मांग भी उठाई। संघ का कहना है कि कई विभागों के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और फील्ड ड्यूटी को देखते हुए ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।कर्मचारी नेताओं ने शासन से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर इसे समाप्त करने की मांग की है।
TET परीक्षा को निरस्त करने की मांग
ज्ञापन में आगामी सितंबर-अक्टूबर में आयोजित होने वाली TET परीक्षा को निरस्त करने की मांग भी शामिल की गई है। संघ ने सरकार से इस मुद्दे पर भी गंभीरता से विचार करने की अपील की।
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सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को शासन तक पहुंचाया गया है। संघ ने सरकार से सभी बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द निर्णय लेने और कर्मचारियों को राहत देने की मांग की है।कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे। मांगों का समाधान होने पर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।





