[Nishaanebaz News] Bhopal News: भोपाल। राजधानी भोपाल में टैक्सी चालकों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही। कैब और टैक्सी सेवाएं प्रभावित होने से आम यात्रियों को रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और शहर के अन्य प्रमुख इलाकों में परेशानी का सामना करना पड़ा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे टैक्सी चालक बुधवार को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरने पर बैठे। अब यूनियन पदाधिकारियों की परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से होने वाली मुलाकात के बाद हड़ताल की आगे की रणनीति तय होने की उम्मीद है।
परिवहन विभाग के साथ बातचीत नहीं पहुंची किसी नतीजे पर
मंगलवार को टैक्सी चालक यूनियन के पदाधिकारियों और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के सचिव नफीस उद्दीन और भोपाल टैक्सी चालक संघ के महामंत्री राजेश कुमार नागले समेत अन्य प्रतिनिधि शामिल हुए।यूनियन ने अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखा, लेकिन बातचीत के बाद भी कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते टैक्सी चालकों ने आंदोलन जारी रखने और पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत धरना देने का फैसला किया।
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बोर्ड ऑफिस चौराहे पर प्रदर्शन
टैक्सी चालक संघ ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। इसी क्रम में दूसरे दिन चालक राजधानी के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे हैं।यूनियन का कहना है कि टैक्सी चालकों से जुड़े आर्थिक और व्यावसायिक मुद्दों का लंबे समय से समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सरकार से स्पष्ट नीति और उचित व्यवस्था बनाने की मांग की जा रही है।
उचित किराया तय करने की मांग
टैक्सी चालकों की प्रमुख मांगों में कैब और टैक्सी सेवाओं के लिए उचित एवं स्थायी किराया निर्धारित करना शामिल है। चालकों का कहना है कि ईंधन, वाहन रखरखाव, बीमा और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, जबकि किराए को लेकर स्पष्ट और स्थायी व्यवस्था नहीं होने से उनकी आय प्रभावित हो रही है।इसके साथ ही यूनियन ने एग्रीगेटर कंपनियों की कथित मनमानी पर नियंत्रण लगाने की मांग उठाई है। प्राइवेट नंबर वाले वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर भी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ी परेशानी
18 अगस्त की देर रात शुरू हुई हड़ताल का असर अगले दिन से ही राजधानी की यातायात व्यवस्था पर दिखाई देने लगा। ऑनलाइन कैब बुक करने वाले कई यात्रियों को गाड़ियां उपलब्ध नहीं हुईं। रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी।टैक्सी सेवाएं बंद रहने से कई यात्रियों ने ऑटो और अन्य वाहनों का सहारा लिया। इस दौरान सामान्य से अधिक किराया वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।
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परिवहन मंत्री से मुलाकात के बाद होगा बड़ा फैसला
अब टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों की परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार की ओर से मांगों पर क्या रुख अपनाया जाता है, इसके आधार पर आंदोलन की आगे की दिशा तय की जाएगी।यदि बातचीत में सहमति बनती है तो टैक्सी सेवाएं फिर से शुरू होने की संभावना बन सकती है। वहीं मांगों पर समाधान नहीं निकलने की स्थिति में टैक्सी चालक आंदोलन को आगे बढ़ाने का फैसला भी ले सकते हैं। फिलहाल राजधानी में यात्रियों की नजर सरकार और टैक्सी यूनियन के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हुई है।





