[Nishaanebaz News] MP Cabinet: भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। सरकार ने युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, बड़े स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ट्रेनिंग और खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए गांव-गांव टैलेंट हंट अभियान शुरू करने का फैसला लिया है।
कैबिनेट के इन फैसलों को युवाओं के कौशल विकास, रोजगार और खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सरकार के अनुसार, इन योजनाओं के जरिए प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा।
युवाओं को मिलेगी फ्री ऑनलाइन कोचिंग
मोहन कैबिनेट ने युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं को मदद देना है, जो आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश नहीं ले पाते।
सरकार का मानना है कि ऑनलाइन माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण पहुंचाया जा सकेगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एक करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग देने की तैयारी
कैबिनेट बैठक में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में प्रशिक्षित करने का भी बड़ा फैसला लिया गया है। सरकार की योजना के अनुसार आगामी एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI से जुड़ा प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जाएगा।कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि आने वाला समय AI और आधुनिक तकनीक का है। ऐसे में युवाओं को नई तकनीक से जोड़कर उन्हें भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाएगा।AI प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को आधुनिक तकनीक की जानकारी देने और बदलते रोजगार बाजार के लिए तैयार करने पर जोर रहेगा।
गांव-गांव चलेगा खेल प्रतिभा खोज अभियान
प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को तलाशने के लिए सरकार गांव-गांव टैलेंट हंट अभियान चलाएगी। इसके तहत 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान की जाएगी।चयनित बच्चों को आगे विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच और अवसर मिल सकें। सरकार का लक्ष्य कम उम्र में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण देना है।
विज्ञान और तकनीक के लिए भी बड़ी योजना
कैबिनेट बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं को मंजूरी देने की बात कही गई है। इन योजनाओं के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।सरकार का कहना है कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर मध्य प्रदेश को आधुनिक तकनीकी विकास और नवाचार के क्षेत्र में मजबूत बनाया जाएगा।
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युवाओं के कौशल, रोजगार और भविष्य पर सरकार का फोकस
मोहन सरकार के इन फैसलों में शिक्षा, तकनीक और खेल को एक साथ जोड़ने की कोशिश दिखाई दे रही है। एक तरफ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर उन्हें AI जैसी आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं गांवों में टैलेंट हंट अभियान के जरिए छोटे बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। आने वाले समय में इन योजनाओं का क्रियान्वयन किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत होगा, इस पर भी सरकार की विस्तृत गाइडलाइन का इंतजार रहेगा।मध्य प्रदेश सरकार के ये फैसले युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि फ्री कोचिंग, AI ट्रेनिंग और खेल प्रतिभा खोज अभियान का लाभ प्रदेश के युवाओं तक कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंचता है।





